शाम के करीब साढ़े सात बजे. मजदूरी करने वाले मां-बाप अपनी 7 साल की बेटी को आसपास खेलता छोड़ काम में लग गए. किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ घंटे बाद वही बच्ची निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में मृत मिलेगी. परिवार का आरोप है कि उसे चिप्स और कोल्ड ड्रिंक का लालच देकर अंदर ले जाया गया, उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर हत्या कर दी गई. पुलिस ने एक वयस्क आरोपी को गिरफ्तार किया है और एक किशोर को पकड़ा है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.
'अभी तो यहीं खेल रही थी...' शुक्रवार की शाम करीब 7:30 बजे गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित निर्माणाधीन मॉल के पास यही बात बच्ची के माता-पिता और आसपास के मजदूर एक-दूसरे से पूछ रहे थे. सात साल की बच्ची अचानक गायब हो गई थी.
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बच्ची के माता-पिता उसी निर्माणाधीन मॉल में मजदूरी करते हैं. काम खत्म होने वाला था. बच्ची रोज की तरह आसपास खेल रही थी. लेकिन कुछ ही देर बाद वह नजर नहीं आई. पहले परिवार ने सोचा, शायद दूसरे बच्चों के साथ होगी. फिर पूरे परिसर में तलाश शुरू हुई. मजदूरों ने आवाज लगाई, आसपास देखा, लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चला. समय बीतता गया और बेचैनी बढ़ती गई.
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जब काफी देर तक बच्ची नहीं मिली तो परिजन पुलिस के पास पहुंचे. उधर, रात करीब 1 बजे डायल-112 पर सूचना मिली कि निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट-2 में एक बच्ची का शव पड़ा है.
कुछ ही मिनटों में नंदग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. फिर सीनियर अफसर मौके पर पहुंचे. पूरे बेसमेंट को घेर लिया गया. फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया. जिस बच्ची को परिवार घंटों से जिंदा ढूंढ़ रहा था, वह अब बेसमेंट में मृत मिली.
बच्ची के परिवार का आरोप है कि उसे कुरकुरे, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक का लालच देकर निर्माणाधीन मॉल के अंदर ले जाया गया. इसके बाद उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर हत्या कर शव बेसमेंट में फेंक दिया गया. परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने बच्ची का शव देखा तो वह खून से लथपथ था और उसके सिर पर चोट के निशान थे. परिवार ने मामले में सख्त एक्शन की मांग की है.
मौके से साक्ष्य जुटाने के साथ पुलिस ने निर्माणाधीन मॉल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. पुलिस के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों की पहचान हुई. इसके बाद पुलिस ने एक वयस्क आरोपी को गिरफ्तार किया और एक किशोर को पकड़ा. दोनों के खिलाफ हत्या, रेप और POCSO Act की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. उनसे पूछताछ जारी है.
वारदात को लेकर पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा?
नंदग्राम की कार्यवाहक एसीपी प्रियाश्री पाल ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी. सीनियर अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया. एफएसएल टीम ने सबूत जुटाए. परिवार की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया और जांच आगे बढ़ाई गई. उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है. फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
यह घटना उस सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल है, जहां सैकड़ों मजदूर काम करते हैं और उनके परिवार उसी परिसर के आसपास रहते हैं. निर्माणाधीन मॉल में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? क्या वहां आने-जाने वालों पर कोई निगरानी थी? क्या बेसमेंट जैसे सुनसान हिस्सों तक कोई भी आसानी से पहुंच सकता था? अगर सुरक्षा व्यवस्था थी, तो फिर सात साल की बच्ची वहां तक कैसे पहुंची? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिलेंगे. फिलहाल इस मामले की सबसे अहम कड़ी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट है. रिपोर्ट से साफ होगा कि बच्ची की मौत कैसे हुई.
मयंक गौड़