फिरोजाबाद में शराब ठेके पर महिलाओं का गुस्सा फूटा, लाठी-डंडों से तोड़फोड़, सड़क पर फेंकी शराब

फिरोजाबाद के कौरारा बुजुर्ग गांव में शराब ठेके के खिलाफ महिलाओं ने जमकर हंगामा किया. महिलाओं ने लाठी-डंडों से दुकान में तोड़फोड़ की और शराब सड़क पर फेंक दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की. आबकारी विभाग ने इसे स्थानीय राजनीति और ग्राम प्रधान चुनाव से जुड़ा मामला बताया है.

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शराब के खिलाफ फूटा महिलाओं का गुस्सा. (Photo: Representational) शराब के खिलाफ फूटा महिलाओं का गुस्सा. (Photo: Representational)

सुधीर शर्मा

  • फिरोजाबाद ,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:52 PM IST

फिरोजाबाद के जसराना तहसील के थाना कौरारा क्षेत्र स्थित कौरारा बुजुर्ग गांव में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने देशी शराब और बीयर के ठेके पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया. देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और महिलाओं ने लाठी-डंडों से दुकान में तोड़फोड़ कर दी.

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने शराब की बिक्री का विरोध करते हुए ठेके में रखे पाउच और बोतलों को सड़क पर फेंक दिया. अचानक हुए इस हंगामे से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.

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ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि गांव में शराब की बिक्री के कारण माहौल लगातार खराब हो रहा है और इसका सीधा असर परिवारों और सामाजिक वातावरण पर पड़ रहा है. इसी कारण बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर ठेके पर पहुंचीं और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

शराब ठेके के खिलाफ महिलाओं का अचानक उग्र प्रदर्शन

हंगामा बढ़ने पर महिलाओं ने दुकान पर तोड़फोड़ शुरू कर दी और शराब के पाउच सड़क पर फेंक दिए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और महिलाओं को समझाकर शांत कराया. इसके बाद नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया गया.

जिला आबकारी अधिकारी रविशंकर वर्मा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि संबंधित देशी शराब और बीयर की दुकान पिछले सात से आठ वर्षों से उसी स्थान पर संचालित हो रही है. उन्होंने कहा कि अब तक इस दुकान को लेकर किसी प्रकार का बड़ा विरोध सामने नहीं आया था.

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आबकारी अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल शराब विरोध का नहीं लग रहा है, बल्कि इसके पीछे स्थानीय राजनीति और आगामी ग्राम प्रधान चुनाव की भूमिका भी हो सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग चुनावी लाभ लेने के लिए महिलाओं के माध्यम से इस तरह का विरोध करा रहे हैं.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शराब की दुकान शासन के सभी निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित की जा रही थी. दुकान मंदिर, मस्जिद, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थानों से तय दूरी के नियमों का पालन कर रही है.

शासन के नियमों के तहत चल रही थी शराब दुकान

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन के पीछे वास्तविक कारण क्या है. प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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