उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली एक विवाहिता की दिल्ली के अशोक नगर स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया है, जिससे परिवार में भारी नाराजगी है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं.
जानकारी के अनुसार भटनी थाना क्षेत्र के गोपालापुर गांव निवासी मृतका के पिता मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते हैं. उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा हैं. बड़ी बेटी की शादी करीब 10 वर्ष पहले मइल थाना क्षेत्र के तेलिया शुक्ला गांव के एक युवक से हुई थी. विवाह के बाद उसका परिवार दिल्ली के अशोक नगर इलाके में रह रहा था.
मृतका की मां ने बताया कि घटना से एक दिन पहले, यानी 2 जून को उनकी बेटी ने वीडियो कॉल कर रोते हुए उन्हें तत्काल मायके बुलाने की गुहार लगाई थी. मां के मुताबिक बेटी ने कहा था कि ससुराल वाले उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं और उसकी जान को खतरा है. परिजनों का कहना है कि वह फोन पर काफी डरी और सहमी हुई लग रही थी. परिवार अगले दिन उसे घर बुलाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत की सूचना मिल गई.
ससुर करता था परेशान
परिजनों के अनुसार मृतका के पति ने फोन कर बताया कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. यह खबर सुनकर परिवार सदमे में आ गया. जब परिजन दिल्ली पहुंचे, तब तक शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका था.इसके बाद मायके पक्ष ने अशोक नगर थाने में नामजद शिकायत देकर ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.
मृतका की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि ससुर की उसकी बेटी पर गलत नजर थी और वह उसे अक्सर अकेले कमरे में बुलाता था. मां का दावा है कि एक बार ससुर ने उसकी बेटी की कमर को छू भी लिया था. वहीं विरोध करने के बाद ससुराल वालों द्वारा उसे और अधिक परेशान किया जाने लगा.
परिजनों का यह भी आरोप है कि विवाहिता को न तो पर्याप्त कपड़े दिए जाते थे और न ही खर्च के लिए पैसे. उसे मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया जाता था. मृतका के पिता ने कहा कि उनकी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. परिवार अब न्याय की उम्मीद में पुलिस और प्रशासन की ओर देख रहा है.
राम प्रताप सिंह