उत्तर प्रदेश के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया में मासूम बच्ची के दाहिने हाथ की जगह बाएं हाथ में प्लास्टर लगाने के मामले में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की गई है. संबंधित कर्मचारी का एक सप्ताह का वेतन रोकते हुए उसका तबादला कर दिया गया है. जांच में बताया गया कि भीड़ की अधिकता और मानवीय भूल के कारण यह घटना घटी.
मेडिकल कॉलेज के CMS डॉक्टर एचके मिश्रा ने बताया कि बुधवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का संज्ञान लेते हुए प्रिंसिपल महोदया के निर्देश पर जांच टीम का गठन किया गया. तीन सीनियर डॉक्टरों की टीम गठित की गई. जांच टीम की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है.
बताया गया कि भीड़ की अधिकता और मानवीय भूल के कारण यह घटना घटित हुई. जांच टीम की संस्तुति के आधार पर संबंधित कर्मचारी का एक सप्ताह का वेतन रोक दिया गया है और उसका स्थान परिवर्तित कर दिया गया है.
मामला संज्ञान में आने के बाद गलत हाथ में लगे प्लास्टर को कटवाकर हटवा दिया गया और तुरंत सही हाथ में प्लास्टर लगा दिया गया. चिकित्सकीय इलाज से मरीज के परिजन संतुष्ट हैं. अब उन्हें मेडिकल कॉलेज के किसी भी डॉक्टर या प्रशासनिक अधिकारी से कोई शिकायत नहीं है. उन्होंने लिखित पत्र भी दिया है.
बता दें कि अल्पना उपाध्याय अपनी 6 साल की बेटी के साथ शहर के भुजौली कॉलोनी में रहती हैं. उनकी बेटी खेलते समय गिर गई, जिससे उसके दाहिने हाथ में चोट आ गई. पहले उन्होंने सामान्य डॉक्टर को दिखाया, जिन्होंने बताया कि कोई दिक्कत नहीं है. अपनी संतुष्टि के लिए उन्होंने जान-पहचान वाले प्राइवेट डॉक्टर के यहां दिखाया, जहां एक्स-रे कराने की सलाह दी गई.
एक्स-रे रिपोर्ट लेकर महिला बुधवार को सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंच गई. वहां हड्डी विभाग के डॉक्टर ने देखने के बाद पर्चा लिखकर बगल वाले कमरे में प्लास्टर कराने भेज दिया. प्लास्टर का शुल्क जमा कराने के बाद प्लास्टर किया गया, लेकिन प्लास्टर करने वाले कर्मचारी ने रिपोर्ट और पर्चा देखने के बावजूद दाहिने हाथ की बजाय बाएं हाथ में प्लास्टर चढ़ा दिया.
इसके बाद महिला ने बेटी के साथ वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, जिससे हड़कंप मच गया. आनन-फानन में प्राचार्य डॉक्टर रजनी के निर्देश पर टीम गठित की गई और जांच में दोषी पाए जाने पर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई.
राम प्रताप सिंह