मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी दौरे के दौरान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन को स्थानीय निवासियों के लिए एक अलग दर्शन मार्ग बनाने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें मंदिर में आसान प्रवेश मिल सके. सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और मंदिर अधिकारी शंभू शरण ने बताया कि इस निर्देश के बाद प्रशासन ने स्थानीय लोगों के लिए प्रवेश के समय को बढ़ाकर पूरा दिन करने का निर्णय लिया है.
नई व्यवस्था के तहत वाराणसी के निवासी एक वैध पहचान पत्र दिखाकर काशी द्वार (गेट नंबर 4B) से सुबह 4:15 बजे से लेकर देर रात 10:45 बजे तक मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे. इस कदम का उद्देश्य देश के इस प्रमुख तीर्थ स्थल पर भीड़ प्रबंधन को सुचारू रखते हुए स्थानीय भक्तों को अधिकतम सुविधा प्रदान करना है.
साल 2024 में खुला था 'काशी द्वार'
मंदिर अधिकारी शंभू शरण ने बताया कि स्थानीय भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर ट्रस्ट ने साल 2024 में 'काशी द्वार' (गेट नंबर 4B) की शुरुआत की थी. पुरानी व्यवस्था के तहत, वाराणसी के निवासियों को केवल सुबह 4 से 5 बजे तक और शाम को 4 से 5 बजे तक ही अपना वैध पहचान पत्र दिखाकर इस गेट से प्रवेश करने की अनुमति थी.
अब पूरे दिन मिलेगी विशेष प्रवेश की सुविधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नए निर्देशों के बाद इस समय सीमा को काफी बढ़ा दिया गया है. अब बनारस के लोग केवल दो घंटों के बजाय, सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक किसी भी समय अपने पहचान पत्र के साथ काशी द्वार से मंदिर के भीतर जा सकेंगे और बाबा विश्वनाथ के सुगम दर्शन कर सकेंगे.
बड़े त्योहारों पर लागू नहीं होगी यह छूट
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष सुविधा बड़े त्योहारों और महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर उपलब्ध नहीं होगी. ऐसे विशेष दिनों में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसके कारण सुचारू व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन बनाए रखने के लिए स्थानीय निवासियों को इस निर्धारित समय की छूट नहीं दी जाएगी.
रोशन जायसवाल