मेरठ में करीब डेढ़ हजार दुकानों पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी! सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत; व्यापारियों का प्रदर्शन

मेरठ की प्रसिद्ध शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट को अवैध घोषित किए जाने के बाद व्यापारियों का विरोध उग्र हो गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर होने वाली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी और किसान संगठन जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर बैठ गए हैं, जहां पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई.

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मेरठ में व्यापारियों और किसान संगठन का प्रदर्शन (Photo- ITG) मेरठ में व्यापारियों और किसान संगठन का प्रदर्शन (Photo- ITG)

उस्मान चौधरी

  • मेरठ ,
  • 10 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

UP News: मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट के 1470 अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए आवास विकास परिषद ने कमर कस ली है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा मार्केट को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए जाने के बाद व्यापारियों और किसान मजदूर संगठन ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया. पुलिस ने धरने से दो लोगों को हिरासत में लिया, जिसके विरोध में बाजार बंद रहा. नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद अब 729 दुकानदारों को तीन दिनों के भीतर खुद निर्माण हटाने की चेतावनी दी गई है.

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पुलिस अधिकारी और कार्यकर्ताओं में 'हॉट टॉक'

बीते दिनों प्रदर्शन के दौरान माहौल तब गरमा गया जब सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और किसान संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई. सीओ ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि थाने के एसएसआई को धमकाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर उनके किसी सिपाही को अपमानित किया गया तो यह ठीक नहीं होगा. सीओ ने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि यदि सम्मानपूर्वक बात करनी है तभी वह चर्चा के लिए आएंगे, अन्यथा वे 5 मिनट में सोच लें कि उन्हें क्या करना है.

1470 दुकानों पर मंडराया संकट

शास्त्री नगर प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद आवास विकास परिषद ने उन 1470 दुकानों को चिन्हित किया है जो आवासीय प्लॉट पर बनी हैं. इनमें से 31 परिसरों पर तत्काल ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी है. कोर्ट के आदेश के बाद दुकानों को खाली करने के नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं. व्यापारियों का कहना है कि वे सालों से यहां रोजगार कर रहे हैं और अचानक दुकानें हटने से उनका भविष्य अंधकार में डूब जाएगा. वे सरकार से इन दुकानों के नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं.

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स्वयं अवैध निर्माण हटाने की मजबूरी

नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बाद अब कुछ दुकानदारों ने कार्रवाई के डर से स्वयं ही अपना अवैध निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया है. व्यापारियों की मुख्य मांग है कि प्रशासन उनसे वार्ता कर समस्या का कोई स्थाई समाधान निकाले ताकि उनके रोजगार को बचाया जा सके. फिलहाल, दो साथियों की हिरासत और दुकानों को तोड़ने के आदेश के विरोध में सेंट्रल मार्केट में सन्नाटा पसरा है और व्यापारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं.

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