तुर्की की zigana made पिस्टल से हुई अतीक और अशरफ की हत्या, तुर्की से अवैध तस्करी कर लाया जाता है भारत

अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की जिस पिस्टल से हत्या की गई है, उसकी डिटेल सामने आ चुकी है. यह पिस्टल भारत में पूरी तरह से बैन है. इसलिए अवैध तरीके से इसे तुर्की से भारत एक्सपोर्ट किया जाता है. इसकी कीमत 6 से लेकर 7 लाख रुपए तक होती है.

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इस पिस्टल से ही अतीक और अशरफ को मौत के घाट उतारा गया. इस पिस्टल से ही अतीक और अशरफ को मौत के घाट उतारा गया.

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली/प्रयागराज,
  • 16 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 1:48 PM IST

18 राउंड फायर और 40 सेकंड तक गोलीबारी. उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अतीक अहमद की शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. अतीक के साथ उसके भाई अशरफ को भी गोलियों से भून दिया गया. वारदत उस वक्त हुई, जब दोनों को प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था.

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हमलावर ने दोनों के मर्डर की प्लानिंग पहले ही कर ली थी. इसके लिए तीनों हत्यारे पत्रकारों के भेष में पहुंचे थे. वे एक डमी कैमरा और फर्जी माइक भी लेकर आए थे. अतीक और अशरफ की हत्या को कंफर्म करने के लिए तीनों ने बेहद करीब सटाकर दोनों को गोलियां मारी.

इस हत्याकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब मर्डर में इस्तेमाल की गई पिस्टल के बारे में जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि हत्या के लिए जिस पिस्टल का उपयोग किया गया है, वह जिगाना मेड पिस्टल है. यह पिस्टल तुर्की में बनती है और गैरकानूनी तरीके से बॉर्डर क्रॉस कर इसे यहां लाया जाता है. भारत में इस पिस्टल पर बैन लगा हुआ है. इसकी कीमत करीब 6 से 7 लाख रुपए है.

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हत्यारों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मुकदमे

हत्याकांड को अंजाम देने वाले 3 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. तीनों ने ही वारदात को अंजाम देने के बाद खुद को सरेंडर कर दिया था. इन आरोपियों के नाम अरुण मौर्य निवासी कासगंज, लवलेश तिवारी निवासी बांदा और सनी निवासी हमीरपुर है. अरुण हत्या के एक मामले में शामिल है. इसके कारण ही वह पिछले 5-6 साल से परिवार के साथ नहीं रह रहा है. वहीं, लवलेश तिवारी के खिलाफ एक लड़की को थप्पड़ मारने का मामला दर्ज है. वह करीब 6 महीने पहले ही जेल से बाहर आया है. इसके अलावा तीसरे आरोपी सनी के तार किसी बड़ी गैंग और गैंगस्टर से हैं.

पूछताछ के लिए प्रयागराज लाई थी पुलिस

अतीक अहमद गुजरात के अहमदाबाद की साबरमती जेल में कैद था. उसे उमेश पाल की किडनैपिंग के केस में उम्र कैद की सजा मिली थी. उत्तर प्रदेश पुलिस उसे हाल ही में दूसरी बार प्रयागराज लेकर आई थी. इस बार उससे उमेश पाल के कत्ल की पूछताछ के लिए उसे प्रयागराज लाया गया था. इसी कड़ी में शनिवार को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को पुलिस मेडिकल के लिए प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल लेकर पहुंची थी. यहां मीडियाकर्मी दोनों से चलते-चलते सवाल कर रहे थे कि अचानक दाईं तरफ से एक के बाद एक 18 राउंड फायरिंग हुई और अतीक अपने भाई अशरफ के साथ वहीं ढेर हो गया. दोनों की मौत की तसल्ली कर लेने के बाद तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया.

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होटल में बनाया था अपना ठिकाना

पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने हत्याकांड को अंजाम देने से दो दिन पहले ही होटल में अपना ठिकाना बना लिया था. हत्यारे जिन होटलों में रूके थे पुलिस वहां सुबह से ही छापेमारी कर रही है. हत्या को अंजाम देने के दौरान एक हत्यारा हैंगिंग बैग लेकर आया था. बाक़ी हत्यारों का सामान अब भी होटल में होने की संभावना है. इस हत्याकांड के बाद से प्रयागराज की सड़कों पर भारी सुरक्षाबल तैनात किया गया है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस गश्त कर रही है.

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बड़ा माफिया बनना चाहते थे आरोपी!

अतीक और अशरफ पर गोली चलाने वाले तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि आरोपियों पर पहले कहां-कहां और किस तरह के मामले दर्ज हैं. पूछताछ में आरोपी बता रहे हैं कि वो बड़ा माफिया बनना चाहते हैं इसलिए वारदात को अंजाम दिया. आरोपियों ने बताया, 'कब तक छोटे-मोटे शूटर रहेंगे, बड़ा माफिया बनना है इसलिए हत्याकांड को अंजाम दिया.' हालांकि पुलिस अभी पूरी तरह से इनके बयानों पर भरोसा नहीं कर रही है.

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5 आईपीएस अफसर भेजे जा रहे प्रयागराज

अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद आज लखनऊ में स्थित मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी ने अफसरों के साथ हाई लेवल मीटिंग की. इस बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद भी मौजूद रहे. मीटिंग में सभी जिलों से रिपोर्ट ली गई. इसमें डीजीपी ने कई महत्वपूर्ण पॉइंट रखे. देर शाम एक बार फिर मामले पर रिपोर्ट मंगाई गई है. बैठक में 5 आईपीएस अफसरों को प्रयागराज भेजने का निर्णय लिया गया है. ये अफसर हाला काबू में रखने के लिहाज से भेजा जा रहे हैं.

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