उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आई एक घटना ने मां बेटे के रिश्तों को कलंकित कर दिया है. आरोप है कि जिस मां ने बेटे को नौ महीने कोख में रखा, उंगली पकड़कर चलना सिखाया और अपने हाथों से निवाला खिलाकर बड़ा किया, उसी बेटे ने मां को जहर मिला खाना खिला दिया.
इस कथित साजिश की डोर बेटे की सास तक भी पहुंचती है. अगर जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि मां-बेटे के सबसे पवित्र रिश्ते पर लगा ऐसा कलंक होगा, जिसे समाज में लंबे समय तक याद रखेगा.
मामला आगरा के पिनाहट थाना इलाके के बरपुरा गांव का है. पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, 9 जुलाई 2026 की दोपहर करीब तीन बजे रविन्द्र पर अपनी ही मां राममूर्ति को जहर खिलाने का आरोप लगा है.
छोले की सब्जी में मिलाया 'जहर'
शिकायतकर्ता और पीड़िता के पति रनवीर सिंह का आरोप है कि बेटे ने छोले की सब्जी में जहरीला पदार्थ मिलाकर मां को खिला दिया. खाना खाने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनका इलाज जारी है.
'मां को खत्म करो, तभी बेटी भेजूंगी'
इस मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू एफआईआर में दर्ज वह आरोप है, जिसके मुताबिक रविन्द्र ने अपने पिता को बताया कि जहरीला पदार्थ उसे उसकी सास फूलवती ने दिया था.
आरोप है कि सास ने उसे गटपुरा गांव बुलाकर जहर की पुड़िया दी और कहा कि अगर वह अपनी मां को रास्ते से हटा देगा, तभी उसकी बेटी को उसके साथ भेजा जाएगा. यानी एफआईआर के अनुसार एक मां को खत्म करने की कथित साजिश में पत्नी की मां का नाम सामने आया है.
कहावत है, "घर के विश्वास में भितरघात का आरोप घर के ही बड़े बेटे पर है. जिस मां ने बेटे के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, उसी मां को जहर मिला निवाला बेटे ने दे दिया. यह आरोप रिश्तों की बुनियाद तक को हिला देने वाला है.
जमीन का विवाद और भाई का बड़ा आरोप
आरोपी के भाई मुकेश ने कहा है कि परिवार में हाल ही में खरीदी गई जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. उसका आरोप है कि रविन्द्र की सास ने अपनी बेटी को मायके में रोक रखा था और शर्त रखी थी कि अगर वह अपनी मां को जहर दे देगा, तभी बेटी को उसके साथ भेजा जाएगा. इसके बाद छोले में जहर मिलाकर मां को खिला दिया गया.
पुलिस ने इस मामले में रविन्द्र और उसकी सास फूलवती के खिलाफ BNS की धारा 61, 109 और 123 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मामले की जांच जारी है. पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल इस मामले में एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. अंतिम सच पुलिस जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अदालत में पेश होने वाले सबूतों के आधार पर ही सामने आएगा.
अरविंद शर्मा