संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रेल सेवा शुरू हो गई है. पहली ट्रेन फुजैराह से अबू धाबी के लिए चली. एतिहाद रेल के नाम से UAE की पहली राष्ट्रीय यात्री रेल सेवा की शुरुआत हुई है. यह देश के इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के एक नए युग की शुरुआत है. ऐसे में जानते हैं यूएई की पहली ट्रेन कैसी है और वहां की रेलवे की तरफ से यात्रियों को कैसी सुविधाएं दी जा रही है.
एतिहाद रेल के मुताबिक,शुरुआती ऑपरेशनल फेज के साथ, एतिहाद रेल के तहत चलने वाली ट्रेने यात्रा का एक ऐसा आधुनिक अनुभव देती है. इसमें आराम, निश्चिंतता और सुरक्षा हर कुछ है. साथ ही, यह बड़े पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से आसानी से जुड़ती है, जिससे अलग-अलग जगहों के बीच सफर करना आसान हो जाता है और यात्रियों को एक बेहतर कनेक्टिविटी वाला ट्रेवल एक्सपीरियंस मिलता है.
फुजैराह से चलने वाली यात्री सेवाएं पूर्वी क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं. अबू धाबी और फुजैराह के बीच की यात्रा में लगभग में 105 मिनट लगते हैं और ट्रेनें 200 किमी/घंटे तक की गति से चलती हैं.
प्रत्येक ट्रेन में अधिकतम 400 यात्री बैठ सकते हैं और पूरी तरह से चालू होने पर यह नेटवर्क प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करेगा. एतिहाद रेल दो यात्रा श्रेणियां - कम्फर्ट और फर्स्ट क्लास - प्रदान करेगी, जिनमें आरक्षित सीटें, मुफ्त वाई-फाई, फोल्डिंग टेबल, चार्जिंग पॉइंट, सामान रखने की सुविधा और दिव्यांगजनों के लिए सुलभ सुविधाएं शामिल होंगी.
खाने पीने के ढेरों विकल्प
एतिहाद रेल की ओर से टिकट के साथ फ्री स्नैक्स और बेवरेज मिलता है. इसके अलावा भी ट्रेन में खाने पीने के ढेर सारे विकल्प मौजूद है. सिर्फ तेज गंध वाले फूड आयटम का इस्तेमाल नहीं करना है. साथ ही लोग अपने साथ अपना खाना भी लेकर आ सकते हैं. बस ज्यादा गंदगी फैलाने वाली और तेज गंध वाली चीजें खाना ट्रेन में मना है. इसके अलावा ट्रेन के अंदर शराब और सिगरेट पीना भी मना है. ऐसा करते पाए जाने पर भारी- भरकम जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
UAE में शुरू हुई रेल सेवा ने वहां दूरियां कम कर दी है. साथ ही मोबिलिटी के भविष्य को आकार देने में काफी मदद करेगी. ऐसे में जानते हैं कि इस ट्रेन के पहले यात्री की जुबानी उनका अनुभव कैसा रहा.
हमाद मंसूर अल बलूशी फुजैराह से अबू धाबी तक चलने वाली पहली ट्रेन के पहले यात्री बने.एतिहाद रेल से यात्रा करने वाले ढेर सारे यात्री में पहले यात्री के तौर पर उनका नाम चयनित हुआ. इस पहले यात्री को एतिहाद रेल की तरफ से कॉल आया था और उन्हें बताया गया कि वह पहली ट्रेन यात्रा के पहले पैसेंजर के तौर पर चयनित हुए हैं. उन्हें कोच नंबर 1 में सीट नंबर 1 दिया गया था.
एक इंडियन बना इस ट्रेन का ड्राइव
इस पहले ट्रेन के पहले ड्राइवर के रूप में भारत के एक शख्स को चुना गया. केरल के अलाप्पुझा के रहने वाले निशाद एतिहद रेल के पहले यात्री ट्रेन के चालक दल में शामिल हुए. निषाद उन अमीराती ट्रेन कैप्टनों इब्राहिम अल हम्मादी और सारा अल मजरूई की सूची में शामिल हो गए हैं, जो पहले यूएई के पहले नेशनल ट्रेन कैप्टन बने थे. निशाद अब यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं.
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निशाद 2014 में यूएई चले गए थे. कई अन्य प्रवासियों की तरह, उन्होंने नए सिरे से शुरुआत की, जो भी काम मिला, वो किया. उन्हें सफलता तब मिली जब उन्हें 2017 में पाम जुमेराह मोनोरेल में रेलवे की पहली नौकरी मिली. फिर उन्होंने दुबई ट्राम, दुबई मेट्रो और जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर काम किया. 2022 में दूसरी बार एतिहाद रेल नौकरी के लिए आवेदन किया. भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार किया और ट्रेन कप्तान के रूप में अपना पद हासिल कर लिया.
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