क्या आप जानते हैं ट्रेन टिकट बुक करते वक्त एक गलती आपका बड़ा नुकसान करवा सकती है. ऐसा ही कुछ हुआ है, एक शख्स के साथ, जिन्होंने टिकट बुकिंग के वक्त एक गलती कर दी थी, जिसकी वजह से उनका 7000 रुपये का फाइन लग गया. सोशल मीडिया पर एक शख्स की कहानी वायरल हो रही है, जो बेंगलुरु से नागपुर यात्रा कर रहे थे, लेकिन एक गलती की वजह से उनका काफी नुकसान हो गया. उन्होंने पहले करीब 3000 रुपये में टिकट खरीदी थी, लेकिन गलती की वजह से 7000 का फाइन लग गया और टिकट 10 हजार से ज्यादा की पड़ गई. तो जानते हैं आखिर मसला है क्या...
सोशल मीडिया पर रमाकांत नाम के एक यूजर ने अपनी कहानी बताई है. उन्होंने बताया कि वो 23 जून को बेंगलुरु-नागपुर के बीच राजधानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे. उन्होंने बताया, टिकट चेक करते समय, रेलवे कर्मचारी टीटीई ने मुझे पैंट्री कोच में अपने साथ चलने के लिए कहा, जहां कोई अन्य यात्री नहीं था और समझाया कि मुझे अतिरिक्त 7,035 रुपये का भुगतान करना होगा, जो मुझे समझ में नहीं आया. जब मैंने अपनी सुरक्षा और सबूत के लिए बातचीत को रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो मुझे बताया गया कि मैं वीडियो रिकॉर्ड नहीं कर सकता. क्या ऐसे हालात में रेलवे कर्मचारियों के साथ बातचीत को रिकॉर्ड करना यात्रियों के लिए वर्जित है? अगर रिकॉर्डिंग की अनुमति है, तो कृपया कर्मचारियों को इस बारे में स्पष्ट करें.'
उसके साथ ही उन्होंने बताया, 'मेरा किराया 3,589.05 था. बुकिंग करते समय, मैंने गलती से अपनी उम्र 24 साल के बजाय 1 साल दर्ज कर दी थी. यह एक वास्तविक त्रुटि थी और अगर मैंने 24 साल भी दर्ज किए होते, तो भी किराया उतना ही रहता, क्योंकि मैंने किसी भी प्रकार की छूट या रियायत का लाभ नहीं उठाया था. मेरे पास नाम और पहचान से मेल खाने वाले वैध सरकारी पहचान पत्र भी थे. इसके बावजूद, मुझसे "बिना टिकट" के लिए अतिरिक्त 7,035 का शुल्क लिया गया, जिससे मेरी कुल जर्नी की लागत 10,624.05 रुपये हो गई. क्या यह शुल्क रेलवे नियमों के अनुसार है? मेरे पास टिकट, ईएफटी विवरण, भुगतान का प्रमाण, फोटो और रिकॉर्डिंग हैं, और आवश्यकता पड़ने पर मैं इन्हें साझा कर सकता हूं.'
यानी इस यात्री ने टिकट बुक करते समय गलत उम्र भर दी थी, जिसकी वजह से उनका फाइन कट गया. इस पर जब बवाल हुआ तो कई लोगों ने रेलवे के नियम बताए, जिसमें बताया गया है कि टीटीई ने नियमों के अनुसार ही काम किया है. टिकट की जानकारी आईडी कार्ड से मेल खानी चाहिए, यह सीधी सी बात है. अगर ऐसा नहीं होता है, तो इसे बिना टिकट यात्रा माना जाता है. ऐसा बुकिंग के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए किया जाता है. कोई भी गलती 'छोटी' नहीं होती. बुकिंग के बाद जानकारी की जांच कर लेनी चाहिए.
हालांकि, इसके बाद यात्री ने अपनी गलती को माना और रेलवे की ओर से उनकी शिकायत पर बता दिया गया कि टीटीई ने नियमों के अनुसार कार्रवाई की है. ऐसे में आप जब भी टिकट बुक करते हैं तो अपनी जानकारी सही भरें और नाम- उम्र आदि वो ही लिखें जो आपके आईडी कार्ड में है. आपकी जानकारी आईडी कार्ड से मैच ना होने पर कार्रवाई की जा सकती है.
इसके अलावा कुछ लोग पोस्ट पर सवाल उठा रहे हैं कि उम्र के कॉलम में 1 भरने पर टिकट नहीं होती है और रेलवे के अनुसार 5 साल से कम उम्र के लोगों की टिकट बुक नहीं होती. इस पर यूजर ने फिर से एक वीडियो पोस्ट कर बताया कि ऐसा नहीं है कि 5 साल से कम उम्र होने पर टिकट बुक नहीं कर सकते. 1 साल की उम्र भरकर भी टिकट बुक की जा सकती है.
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