एंबुलेंस से REET की परीक्षा देने पहुंची मह‍िला, दो द‍िन पहले ही ऑपरेशन से हुआ था बच्चा

बच्चे को जन्म देने के तीसरे द‍िन ही एक मह‍िला एंबुलेंस से REET की परीक्षा देने पहुंची. पेट में स्टेच लगे होने और दर्द के बावजूद मह‍िला ने एग्जाम द‍िया.

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एंबुलेंस से एग्जाम देने पहुंची प्रसूता. एंबुलेंस से एग्जाम देने पहुंची प्रसूता.

उमेश मिश्रा

  • धौलपुर ,
  • 26 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:59 PM IST
  • रीट की परीक्षा देने पहुंची प्रसूता
  • ऑपरेशन से हुई है डिलीवरी
  • शिक्षा विभाग के कर्मचार‍ियों और परिजनों ने एंबुलेंस से पकड़ कर उतारा

कहते हैं हिम्मत, हौसला और जज्बा है तो कोई भी मुसीबत बाधा नहीं बन सकती है. ऐसी ही मिसाल पेश की है, जिला अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता ने, जिसके पेट में स्टेच लगे होने के बावजूद एंबुलेंस से परीक्षा केंद्र पर पहुंच गई. नौकरी का जुनून ऐसा कि एक प्रसूता प्रसव के तीसरे दिन रीट (Rajasthan Eligibility Examination for Teacher) की परीक्षा देने अस्पताल से सीधे परीक्षा केंद्र पहुंच गई.

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प्रसूता की दो द‍िन पहले ही ऑपरेशन से डिलीवरी हुई है. पेट में स्टेच लगे होने और दर्द भी होने के बावजूद प्रसूता के हौसले के आगे सब पस्त हो गए.

दरअसल, रवीना पत्नी हरीश ने रीट के लिए काफी तैयारी की थी. ऐसे में वह हर हाल में परीक्षा देना चाहती थी. उसने यह बात अपने पति को बताई थी तो उन्होंने भी उनका साथ दिया. इसके बाद रविवार को वह अस्पताल से एंबुलेंस की मदद से परीक्षा केंद्र पर पहुंची और परीक्षा दी. प्रसूता के इस साहस को सभी लोगों ने सलाम किया.

दरअसल, जिला अस्पताल में भर्ती प्रसूता एवं उसके परिजनों ने रीट परीक्षा देने की इच्छा जाहिर की जिस पर चिकित्सा विभाग ने एंबुलेंस की तुरंत व्यवस्था कराई. प्रसूता को मेडिसिन देकर शहर में बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के परीक्षा केंद्र पर भेजा गया जहां परीक्षा सम्पन्न कराई गई.

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हालांकि दो दिन पूर्व ऑपरेशन होने के कारण प्रसूता पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है लेकिन नौकरी की खातिर जीवन को दांव पर लगाकर उसने करियर को अहमियत दी है. प्रसूता ने सेकंड और फर्स्ट लेवल की दोनों परीक्षाएं दी हैं. परीक्षा होने के बाद प्रसूता को जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में भर्ती करा दिया है.

जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड के प्रभारी डॉक्टर हरिओम गर्ग ने बताया कि रवीना नाम की एक महिला को 24 सितम्बर को ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी. उसका बच्चा गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती है. महिला वार्ड में भर्ती हैं और उसने हौसला दिखाते हुए रीट परीक्षा देने का निर्णय लिया. महिला के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर परीक्षा दिलवाई गई. 


 

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