कलाकार या एक्टिविस्ट? गाजा पर बयान देकर फंसे मशहूर पियानो वादक की ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट में हार

गाजा को लेकर इजरायल के खिलाफ टिप्पणी करने वाले मशहूर ब्रिटिश-ऑस्ट्रेलियाई पियानोवादक कोर्ट में केस हार गए हैं. उन्होंने मेलबर्न सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा (MSO) के खिलाफ भेदभाव करने और मानहानि का केस दायर किया था. पियानो वादक की हार के इस एक फैसले ने दुनिया भर के सेलिब्रिटीज की 'बोलने की आजादी' पर बहस और तीखी कर दी है.

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गाजा पर टिप्पणी कर केस हार गए ब्रिटिश- ऑस्ट्रेलियाई पियानो वादक (Photo - Pexels) गाजा पर टिप्पणी कर केस हार गए ब्रिटिश- ऑस्ट्रेलियाई पियानो वादक (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:39 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के मशहूर क्लासिकल पियानोवादक जेसन गिलहम,ने एक कंसर्ट के दौरान इजरायल की सेना पर टिप्पणी की थी. बीबीसी की एक रिपोर्ट के दौरान उन्होंने एक कंसर्ट में कहा था कि इजरायल की  सेना ने 100 से अधिक फिलिस्तीनी पत्रकारों की हत्या की है. उनके इस बयान देने के कुछ दिनों बाद 2024 में मेलबर्न सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा ने जेसन का एक शो रद्द कर दिया. 

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इसके बाद जेसन ने मेलबर्न सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा के खिलाफ कार्यस्थल पर भेदभाव और मानहानि मुकदमा किया था. अब फेडरल कोर्ट ने इस मामले में जेसन के खिलाफ फैसला सुनाया है. जज ग्रीम हिल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एमएसओ ने कंसर्ट उनकी राजनीतिक विचारधारा को लेकर रद्द नहीं किया था. शो को रद्द करने का मकसद कलाकार के टिप्पणी से ऑर्केस्ट्रा के व्यवसाय पर पड़ने वाले प्रभाव को खत्म करना था. 

जज ने कहा कि ऐसा लगता है  कि  मेलबर्न सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा की एक नीति थी कि वह इजरायल-गाजा कंफ्लिक्ट में किसी भी पक्ष को सपोर्ट नहीं करता है. इसके साथ ही कला-संगीत से जुड़े आयोजनों को लेकर एक ट्रेंड है कि कलाकारों को आयोजक या मेजबान की परमिशन के बिना मंच पर संवेदनशील राजनीतिक या सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए या ऐसा करने का उन्हें हक नहीं होता है. 

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कोर्ट के इस फैसले के बाद दुनियाभर में यह केस चर्चा का विषय बन गया है कि क्या किसी कलाकार को मंच पर बोलने की आजादी नहीं है?  यह पूरा मामला जेसन के उस व्यक्तव्य के इर्द-गिर्द घूमती है. जब उन्होंने 11 अगस्त 2024 को मेलबर्न में एक शो के दौरान एक इंट्रोक्शन पढ़ा था. यह परिचय कम्पोजर कॉनर डी'नेटो ने लिखा था, जो 'विटनेस' नाम के पांच मिनट लंबे एक पीस के प्रीमियर के दौरान जेसन ने पढ़ा था, जो गाजा के मारे गए पत्रकारों को समर्पित था. 

जेसन ने क्या कहा था
जेसन ने प्रीमियर से पहले इंट्रो पढ़ते हुए कहा था कि अक्टूबर 2023 में गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल ने 100 से अधिक फिलिस्तीनी पत्रकारों की हत्या की है. इजरायल इन पत्रकारों की टारगेट किलिंग कर रहा है. उन्होंने शो के दौरान लगभग 150 दर्शकों  के सामने यह बात कही. आगे उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल लॉ में पत्रकारों की हत्या एक युद्ध अपराध है और यह युद्ध अपराधों के डॉक्यूमेंटेशन और दुनिया के सामने प्रसारण को रोकने के प्रयास में किया जाता है.

प्रेस की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाली एक स्वतंत्र संस्था, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2023 से गाजा में 207 पत्रकारों की हत्या की जा चुकी है.

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कैसे एमएसओ ने रद्द किया जेसन का शो
एमएसओ को जेसन की टिप्पणियों के बारे में तीन शिकायतें मिलीं और उसने 15 अगस्त को होने वाले उनके संगीत कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला किया. इस कारण लगभग 500 शिकायतें आईं - हालांकि बाद में उसने कहा कि यह कदम एक "गलती" थी और शो को री-शेड्यूल करने की कोशिश की.

मुकदमे की सुनवाई के दौरान, एमएसओ ने तर्क दिया कि उसका मंच व्यक्तिगत विचारों को व्यक्त करने के लिए नहीं था. वहीं जेसन की कानूनी टीम ने कहा कि अपनी राजनीतिक विचारों को व्यक्त करना उनका कानूनी वर्कप्लेस राइट है और इसके कारण उनके साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए.

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मुकदमे के आखिरी दिन, जज ने दोनों पक्षों से आग्रह किया था कि वे मामले को आपस में सुलझाने की कोशिश करें.फेडरल कोर्ट का यह फैसला तीन सप्ताह तक चले उस मुकदमे के बाद आया, जो पिछले महीने समाप्त हुआ था, जिसमें जेसन और एमएसओ के वरिष्ठ अधिकारियों सहित लगभग दो दर्जन गवाहों ने साक्ष्य प्रस्तुत किए थे.

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