अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान पहली बार 31 मार्च 2026 को ईरान ने अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी. ईरान का आरोप था कि ये कंपनियां अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी की मदद से अमेरिका को फायदा पहुंचा रही हैं.
हाल ही में ईरान ने मीडिया के सामने कहा है कि वेस्ट एशिया में एलॉन मस्क की जितनी भी कंपनियां हैं, वे अब उसके निशाने पर हैं. आइए जानते हैं कि आखिर ईरान मस्क की कंपनियों को क्यों टारगेट कर रहा है.
जानिए ईरान ने एलॉन मस्क को क्या धमकी दी
ईरान ने मीडिया के सामने बयान दिया कि वेस्ट एशिया, अरब देशों और इजराइल में एलॉन मस्क के जिन-जिन बिजनेस में होल्डिंगस है, वे अब ईरान के निशाने पर हैं. इसका मतलब है कि टेस्ला, स्पेसएक्स और स्टारलिंक जैसी कंपनियों को खतरा हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो एलॉन मस्क को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
जानिए आखिर ईरान क्यों हुआ गुस्सा
ईरान का आरोप है कि उसके देश में स्टारलिंक डिवाइसों की तस्करी करके उन्हें पहुंचाया जा रहा था. इसकी वजह से सरकार विरोधी एक्टिविटी को बढ़ावा मिल रहा था और लोग बाहरी दुनिया से जुड़े पा रहे थे.
ईरानी सरकार ने कई बार देश में इंटरनेट सेवाएं बंद की थीं ताकि विरोध प्रदर्शनों को रोका जा सके. लेकिन स्टारलिंक की मदद से लोग इंटरनेट ब्लॉक को भी बायपास कर रहे थे. ईरान का कहना है कि इससे देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कतें पैदा हुईं.
ईरान में स्टारलिंक डिवाइस का इस्तेमाल करने पर दो साल तक की जेल हो सकती है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, U.S डिपार्टमेंटने हजारों स्टारलिंक टर्मिनल खरीदकर ईरान के अंदर पहुंचाने में मदद की थी, ताकि सरकार विरोधी ग्रुप बाहरी दुनिया से संपर्क बनाए रख सकें और अपनी एक्टिविटी की जानकारी दे सके.
जानिए इस धमकी के बाद क्या हो सकता है
अगर ईरान की यह धमकी अगर सच होती है, तो एलॉन मस्क की कंपनियों को वेस्ट एशिया में बड़ा नुकसान हो सकता है. इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी नेटवर्क डिस्ट्रॉय हो सकता है, जिसे दोबारा तैयार करने में काफी समय और पैसा लग सकता है.
हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से किसी हमले की ईरान सरकार के तरफ से कोई इंफॉर्मेशन नहीं आई है और यह मामला फिलहाल चेतावनियों और बयानों तक ही सीमित है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क