Instagram की प्राइवेसी खत्म! Meta ने कर दिया बड़ा ऐलान, हटने वाला है एंड टू एंड एन्क्रिप्शन

Instagram को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. अब इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट फीचर 8 मई 2026 के बाद बंद कर दिया जाएगा. इससे मैसेज की सिक्योरिटी को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा होता है.

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इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सपोर्ट नहीं करेगा. (Photo: ITG) इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सपोर्ट नहीं करेगा. (Photo: ITG)

मुन्ज़िर अहमद

  • नई दिल्ली ,
  • 14 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:33 PM IST

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट फीचर 8 मई 2026 के बाद बंद कर दिया जाएगा. यानी इस तारीख के बाद इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज (DM) में यह सुरक्षा फीचर उपलब्ध नहीं रहेगा.  

यह जानकारी खुद इंस्टाग्राम के आधिकारिक हेल्प पेज पर दी गई है, जहां साफ कहा गया है कि 8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सपोर्ट नहीं करेगा. 

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अगर किसी यूजर की चैट इस फीचर के तहत है, तो उन्हें पहले से नोटिफिकेशन मिलेगा और वे अपने चैट डेटा को डाउनलोड भी कर सकेंगे.  

क्या होता है एंड टू एंड एन्क्रिप्शन

एंड टू एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी तकनीक होती है जिसमें मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई भी तीसरा व्यक्ति उसे पढ़ नहीं सकता. 

यहां तक कि प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी भी उन मैसेज को नहीं देख सकती. इस तकनीक में मैसेज भेजते समय वह एक कोड में बदल जाता है और केवल रिसीवर के डिवाइस पर ही डिक्रिप्ट होता है.  

इसी वजह से इसे डिजिटल दुनिया में सबसे मजबूत प्राइवेसी सुरक्षा माना जाता है. Signal और WhatsApp जैसे कई मैसेजिंग प्लेटफॉर्म इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं ताकि यूजर्स की बातचीत पूरी तरह निजी रह सके.

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इंस्टाग्राम में कब आया था यह फीचर?

इंस्टाग्राम ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर को 2023 के आसपास अपने मैसेजिंग सिस्टम में जोड़ना शुरू किया था. शुरुआत में यह फीचर सभी के लिए डिफॉल्ट नहीं था बल्कि यूजर्स को इसे अलग से ऑन करना पड़ता था. 

इस फीचर को ऑन करने के बाद बातचीत एक अलग एन्क्रिप्टेड चैट में होती थी और उसमें अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प भी मिलते थे.  लेकिन अब कंपनी ने इसे पूरी तरह हटाने का फैसला लिया है.

मेटा ने क्यों लिया यह फैसला?

इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta का कहना है कि इस फीचर का इस्तेमाल बहुत कम लोग कर रहे थे. इसलिए कंपनी ने इसे बंद करने का फैसला लिया है. 

कंपनी यूजर्स को पहले से नोटिफिकेशन भी भेज रही है ताकि वे चाहें तो अपने एन्क्रिप्टेड चैट्स और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकें.  

क्या इंस्टाग्राम यूज़र्स के मैसेज डेटा से Meta AI होगा ट्रेन?

आधिकारिक तौर पर भले ही मेटा ने इस फैसले को कम इस्तेमाल से जोड़ा है. लेकिन टेक इंडस्ट्री में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म के लिए मैसेजिंग डेटा को प्रोसेस करना आसान हो सकता है. 

एंड टू एंड एन्क्रिप्शन होने पर प्लेटफॉर्म खुद यूजर्स के मैसेज नहीं पढ़ सकता, इसलिए उस डेटा का इस्तेमाल किसी भी तरह के विश्लेषण या AI सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए करना संभव नहीं होता.

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एक्सपर्ट्स का मानना है कि एन्क्रिप्शन हटने के बाद तकनीकी रूप से प्लेटफॉर्म के पास मैसेज स्कैन करने और डेटा को प्रोसेस करने की क्षमता बढ़ जाती है. 

इससे कंपनियां मैसेजिंग सिस्टम को बेहतर बनाने, कंटेंट मॉडरेशन करने या AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए डेटा का इस्तेमाल कर सकती हैं. 

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म को मैसेज स्कैन करने और संदिग्ध या अवैध कंटेंट का पता लगाने में आसानी होती है.  

प्राइवेसी को लेकर पहले भी घिर चुकी है Meta

प्राइवेसी को लेकर मेटा पहले भी विवादों में घिर चुकी है. हाल ही में कंपनी के RayBan Meta AI Glasses को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था. 

कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्ड हुई वीडियो और फोटो का इस्तेमाल एआई सिस्टम को ट्रेन करने के लिए किया जा रहा था और इसके लिए ह्यूमन रिव्यूअर्स भी फुटेज देखते थे.

एक जांच में सामने आया कि कुछ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स उन वीडियो को देखते थे जिनमें बेहद निजी पल भी शामिल थे. 

रिपोर्ट्स के अनुसार इन फुटेज में लोगों के घर के अंदर के फुटेज, बाथरूम में रिकॉर्ड हुए पल या अन्य सेंसिटिव मोमेंट्स भी शामिल थीं. 

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इन डेटा का इस्तेमाल एआई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा था, जिससे प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल उठे.  

इतना ही नहीं, इन स्मार्ट ग्लासेस में मौजूद कैमरों को लेकर यह भी चिंता जताई गई कि लोग अनजाने में रिकॉर्ड हो सकते हैं, क्योंकि यह सामान्य चश्मे की तरह दिखते हैं और आसानी से वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स ने इसे भविष्य के लिए एक बड़ा प्राइवेसी खतरा बताया है. 

यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर?

8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर भेजे जाने वाले मैसेज एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड नहीं होंगे. यानी तकनीकी रूप से यह मैसेज प्लेटफॉर्म के सर्वर पर प्रोसेस होंगे. हालांकि कंपनियां आमतौर पर दावा करती हैं कि यूजर्स के डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी का ध्यान रखा जाता है.

फिर भी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटने से प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि यह फीचर मैसेजिंग को सबसे ज्यादा सुरक्षित बनाता है.

क्या WhatsApp पर भी खत्म होगा एन्क्रिप्शन?

इंस्टाग्राम के इस फैसले के बाद कई यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मेटा अपने दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी ऐसा ही कदम उठाएगा. फिलहाल ऐसा नहीं है.

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मेटा के दूसरे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp में एंड टू एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह जारी रहेगा और यह वहां डिफॉल्ट रूप से लागू है.

8 मई से पहले क्या करें यूजर्स?

अगर आप इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल करते हैं तो 8 मई 2026 से पहले अपने चैट का बैकअप डाउनलोड कर सकते हैं. इंस्टाग्राम इसके लिए यूजर्स को नोटिफिकेशन और डाउनलोड का विकल्प देगा.

इंस्टाग्राम का यह फैसला सोशल मीडिया प्राइवेसी को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है. कई टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सुरक्षा और मॉडरेशन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे, जिसकी वजह से ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

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