गोवा सरकार की तरफ से दो दिवसीय 'गोवा शैकथॉन' आयोजित किया. यह इवेंट गोवा के बागा बीच पर 20 और 21 मई को आयोजित किया. इसकी मदद से गोवा सरकार स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स, क्रिएटर्स, डिजाइनर्स, छात्रों और रिमोट प्रोफेशनल्स को गोवा में अट्रैक्ट करना चाहती है. इस मौके पर Aajtak.in की तरफ से गोवा के आईटी मंत्री रोहन खौंटे के साथ खास बातचीत की.
Aajtak.in ने सबसे पहला सवाल किया है कि गोवा राज्य की एक टूरिज्म वाली इमेज से निकालकर उसे कैसे आईटी सेक्टर वाली छवि की तरफ लेकर जाएंगे.
गोवा के मंत्री रोहन खौंटे ने इस पर कहा कि सबसे पहली बात कि हम पर्यटन वाली छवि से बाहर नहीं जा रहे हैं. उस छवि में कुछ नया जोड़ना चाहते हैं. प्रधानमंत्री 'विकसित भारत' के निर्माण की बात कर रहे हैं, तो इसके तीन मुख्य जरूरी स्तंभ हैं, जिसमें पर्यटन, व्यापार और टेक्नोलॉजी है.
मंत्री ने आगे कहा कि गोवा में पहले से पर्यटन है और टेक्नोलॉजी की अब बात आती है . इसके लिए पहले से गोवा में पर्याप्त संख्या में स्टार्टअप्स हैं और आईटी इकोसिस्टम है.
गोवा में कोई भीड़-भाड़ वाला आईटी नहीं चाहते हैं- मंत्री
मंत्री ने कहा कि वह अन्य राज्यों की तरह गोवा में कोई भीड़-भाड़ वाला आईटी नहीं चाहते हैं. मंत्री ने कहा कि हम उस सेक्टर को टारगेट करना चाहते हैं, जहां से अच्छी अच्छी सैलरी वाले लोग बेहतरीन लाइफस्टाइल की तलाश में हैं.
मंत्री ने आगे कहा कि जैसे दिल्ली वाले कहेंगे कि प्रदूषण है, बेंगलुरु वाले कहेंगे कि पानी नहीं है और रास्ते खराब हैं, तेलंगाना वाले कहेंगे कि भीड़भाड़ है. वहीं, गोवा एक ऐसी जगह है जहां रोड, रेलवे, एयरवेज और वाटर सिस्टम जैसा सब कुछ है. जब लोग गोवा आते हैं, तो हमें बस उन्हें हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी देना है.
एक परिवार का दिया उदाहरण
मंत्री ने आगे बताया है कि वह अपना एक एक्सपीरियंस बताना चाहते हैं. वे दिल्ली से गोवा की फ्लाइट में सफर कर रहे थे. उनके पास एक एक परिवार बैठा था, जिसमें पति-पत्नी और एक 3 साल का बच्चा मौजूद था.
इसके बाद उस व्यक्ति ने बताया कि वह ऐमेजॉन में काम करते हैं और उनकी कंपनी से एक महीने का इंसेंटिव मिला है कि वह कहीं से भी काम कर सकते हैं. वह हरियाणा से थे और उन्होंने एक महीने के लिए गोवा में घर लिया और वह यहीं से अपने ऑफिस का काम करना चाहते थे.
कोविड के बाद #WorkationGoa शुरू किया
मंत्री ने आगे बताया कि कोविड के बाद हमने सोचा कि 'वर्क फ्रॉम गोवा' क्यों नहीं? फिर #WorkationGoa कैंपेन शुरू किया. इससे डिजिटल नोमैड्स को अट्रैक्ट किया गया.
मंत्री ने कहा कि उन्होंने महसूस किया कि क्रिएटिव और डिजाइनर कम्युनिटी के लोग गोवा के शांत माहौल को पसंद करते हैं. उनको यहां से अपनी क्रिएटिविटी दिखाने का मौका मिलता है. साथ ही गोवा में उनको अपना काम करने का बाद बीच पर घूमने से सुकून मिलता है. वह स्विमिंग कर सकते हैं और फिट रह सकते हैं.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर नहीं होगा कोई भारी खर्च
Aajtak.in की तरफ से सवाल किया गया है कि इस इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाने पर कितना खर्च करने जा रहे हैं. इसके जवाब में आईटी मंत्री ने कहा कि वह नए इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च नहीं कर रहे हैं, बल्कि इसे डीसेंट्रलाइज़ कर रहे हैं. हम अपने पारंपरिक बीच शैक (समुद किनारे बने शेड हाउस) का ही इस्तेमाल करेंगे. हम उन लोगों के साथ सहयोग कर रहे हैं जो वर्किंग 'पॉड्स' (Pods) की सप्लाई या लीजिंग करते हैं. इन्हें समंदर के किनारे के आस-पास रखा जाएगा.
मंत्री ने कहा- गोवा में अच्छा ईकोसिस्टम
मंत्री ने बताया है कि यह धूप, रेत, समुद्र और स्टार्टअप्स का कॉन्सेप्ट है. गोवा में सभी को अच्छा पर्यावरण और ईको सिस्टम मिलता है. यहां पर आपको अच्छी रोड कनेक्टिविटी मिल जाएगी. यहां पर काफी मिड साइज इंडस्ट्री भी मिल जाएंगी और गोवा का फोकस इनोवेशन पर है. मंत्री ने आगे कहा कि आने वाले महीनों में हम इसे भीतरी इलाकों में भी ले जाएंगे जहां मसाला बगान और हरियाली है.
किसी राज्य की कॉपी नहीं करना चाहते हैं- मंत्री
Aajtak.in ने सवाल किया किया कि क्या आप इसमें बड़ी आईटी कंपनियों को लाना चाहते हैं या सिर्फ मिड-साइज इंडस्ट्री को रखना चाहते हैं. इसके जवाब में आईटी मंत्री ने कहा कि मिड-साइज इंडस्ट्री गोवा में पहले से मौजूद हैं. हैदराबाद या बेंगलुरू जैसी आईटी इंडस्ट्री को कॉपी नहीं करना चाहते हैं.
मंत्री ने आगे बताया कि उनका फोकस रिसर्च, इनोवेशन आदि पर है. किसी भी स्थिति में गोवा की संस्कृति, परंपरा और विरासत को बिगाड़ना नहीं चाहते हैं. आज जेन-जी और जेन अल्फा जैसी युवा पीढ़ी अच्छी लाइफ क्वालिटी चाहती है. मंत्री ने बताया है कि आप क्वालिटी लाइफ चाहते हैं और आपके पास इनोवेटिव दिमाग है, तो गोवा से बेहतर कोई जगह नहीं है.
मंत्री बोले- गोवा में मिलती है टॉप सिक्योरिटी
Aajtak.in की तरफ से जब गोवा में सिक्योरिटी को लेकर सवाल किया गया तो मंत्री ने जवाब दिया कि गोवा में सेफ्टी हमेशा टॉप पर रहती है. यहां पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पिंक बूथ उपलब्ध है. अगर टूरिस्ट समंदर के किनारे हैं तो वह लोगों की मदद और उनकी सेफ्टी के लिए बीच मार्शल मौजूद हैं.
Aajtak.in की तरफ से जब चुनौतियों के बारे में पूछा गया तो मंत्री ने कहा कि सबसे पहला विचार यह है कि हम एक ऐसा इकोसिस्टम बनाएं जहां फाउंडर्स और इनोवेटर्स आकर काम कर सकें.
गोवा में 370 स्टार्टअप महिलाएं चला रही हैं
हम महिलाओं को टेक्नोलॉजी के केंद्र में रखना चाहते हैं और चाहते हैं कि वे इसे लीड करें. आज हमारे यहां लगभग 793 स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं, जिनमें से 370 से अधिक स्टार्टअप्स महिलाओं चला रही हैं.
Aajtak.in ने जब गोवा के आईटी मंत्री से AI पॉलिसी को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि हम अपनी AI पॉलिसी का ड्राफ्ट भी तैयार कर चुके हैं, जो फाइनल स्टेज तक पहुंच चुकी है.
Aajtak.in की तरफ से सवाल किया कि वर्क फ्रॉम गोवा कोई नया नहीं है, ये पहले से मौजूद हैं. यहां बहुत से लोग आते हैं और अपना काम करते हैं. यहां तक कि किताब आदि लिखते हैं. मंत्री ने कहा कि यहां बहुत से लोग आते हैं जो होम स्टे में करीब 6 महीने या फिर 1 साल तक रुकते हैं. यहां उन्हें शांति मिलती है और वे बेहतर तरीके से अपने आइडिया पर काम कर पाते हैं.
मंत्री ने जवाब में दिया कि गोवा में जो बाहर से लोग आते हैं, उनमें से कुछ लोग जमीन एक्वायरिंग करते हैं, जो एक चिंता का विषय है. मंत्री ने आगे कहा कि यहां हम जो बात कर रहे हैं, उसमें कोई शख्स बाहर से आकर जमीन नहीं खरीद रहा है.
मंत्री ने बताया है कि हम गोवा से बाहर बिज़नेस चलाने वालों की बात कर रहे हैं, जो गोवा में आकर काम करें. इससे गोवा के लोगों के लिए रोजगार पैदा होंगे.
मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि इंडस्ट्री और स्थानीय लोगों के बीच कोलैबोरेशन हो, ताकि हमारे युवाओं को नौकरी के लिए गोवा से बाहर न जाना पड़े. जब कोई व्यक्ति अपने ही राज्य में अच्छा पैसा कमाता है और बुजुर्ग माता-पिता का बेटा परिवार में रहता तो बच्चा भी खुश रहता और उसके माता-पिता भी खुश रहते हैं. इससे उनका 'हैप्पीनेस इंडेक्स' बढ़ता है और मंत्री ने आगे कहा कि हम यही हासिल करना चाहते हैं.
मंत्री ने आगे बताया है कि गोवा की साक्षरता दर काफी ज्यादा है और यहां के लोगों का मिलनसार स्वभाव के है. यही वजह है जो गोवा के लोगों को अलग बनाती है. यही वजह है कि पूरी दुनिया के डिजिटल नोमैड्स गोवा आना पसंद करते हैं.
मुन्ज़िर अहमद