साइबरडेकिंग क्या है? युवाओं के बीच बढ़ते एंटी-एआई आंदोलन की अंदरूनी कहानी

नया ट्रेंड सामने आया है, जिसको साइबरडेकिंग कहा जा रहा है और यह युवाओं (Gen-Z) के एक ग्रुप में काफी पसंद किया जा रहा है. इसमें कुछ लोग खुद के कंप्यूटर या डिवाइस तैयार करते हैं, जो बेसिक फीचर्स और ऑफलाइन भी काम करने का काबिलियत रखते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

Advertisement
साइबरडेकिंग से फुल कंट्रोल चाहते हैं. (Photo: AI Generated) साइबरडेकिंग से फुल कंट्रोल चाहते हैं. (Photo: AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 04 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

AI के युग में कंप्यूटर-फोन से लेकर एयर कंडीशनर और वॉशिंग मशीन आदि में इसका यूज हो रहा है. AI का मकसद ऑटोमेशन, चैटबॉट्स आदि पर है. वहीं युवाओं (Zen-Z) में एक वर्ग ऐसा भी है, जो AI से अलग दिशा में जा रहा है. नए ट्रेंड को साइबरडेकिंग कहा जा रहा है. 

साइबरडेकिंग, असल में साइबरडेक से बना है. साइबरडेक एक ऐसा डू इट योरसेल्फ (DIY) पोर्टेबल कंप्यूटर है, जिसको लोग खुद तैयार करते हैं. इसको आमतौर पर Raspberry Pi, छोटी स्क्रीन, कीबोर्ड और रीसाइकल या पुराने सामान का इस्तेमाल करके तैयार किया जाता है. 

Advertisement

Gen-Z के बीच साइबरडेकिंग लोकप्रिय क्यों हो रही है?

साइबरडेकिंग के तहत तैयार किए जा रहे कंप्यूटर बनाने के प्रोसेस को एंटी AI से सीध जोड़ना सही नहीं है. युवाओं (Gen-Z) के एक वर्ग का मानना है कि दुनियाभर की टेक्नोलॉजी का कंट्रोल कुछ कंपनियों के पास हैं. 

यह भी पढ़ें: बैटमैन, इंसेप्शन और इंटरस्टेलर बनाने वाले ऑस्कर विनर क्रिस्टोफर नोलन स्मार्टफोन और ईमेल क्यों नहीं यूज करते?

साइबरडेकिंग मुख्यधारा की तकनीक से कैसे अलग है?

साइबरडेकिंग के तहत ऐसे लैपटॉप या डिवाइस तैयार किए जाते हैं, जो सिर्फ बेसिक फीचर्स और ऑफलाइन काम करने की काबिलियत के साथ आते हैं. इसमें बहुत ही कम मात्रा में डेटा शेयर होता है. यूजर्स को बेहतर कंट्रोल मिलता  है और AI बेस्ट इकोसिस्टम से मुक्त रहता है. 

यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर ढेरों लोग खुद के साइबरडेक के वीडियो तैयार करके पोस्ट कर रहे हैं. हर कोई अपने-अपने स्टाइल का साइबरडेक बना रहे हैं, जिसमें कोई इसे पर्स के साइज में बना रहा है और कोई इसको पुराने गेमिंग बॉक्स में तैयार कर रहा है. 

Advertisement

साइबरडेकिंग के फायदों की बात करें तो यहां यूजर्स को पूरी तरह से कस्टमाइजेशन का ऑप्शन मिल जाता है. इसमें कम लागत आती है और यूजर्स को मनमुताबिक फीचर्स आदि मिल जाते हैं.

यह भी पढ़ें: स्मार्टफोन की वजह से दुनिया भर में कम हो रहा है बर्थ रेट? इस खुलासे से मची सनसनी

साइबरडेकिंग को एंटी-एआई ट्रेंड क्यों माना जाता है? 

कई साइबरडेक ऑफलाइन मॉडल पर काम करते है, जिसकी वजह से ये डेटा ट्रैकिंग और क्लाउड पर डिपेंडेंसी कम रहती है. साथ साइबरडेकिंग के तहत तैयार होने वाले डिवाइस में यूजर्स खुद की क्रिएटिविटी को बेहतर तरीके से पेश कर पाते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »