सैन फ्रांसिस्को की एक स्टार्टअप फाउंडर का दावा इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उनका कहना है कि Anthropic के Claude AI के नए अपडेट ने उनकी पूरी कंपनी ही खत्म कर दी.
फाउंडर का नाम इरा बोडनर है. वह एक AI टूल पर काम कर रही थीं. लेकिन Claude के नए फीचर आने के बाद उनका प्रोडक्ट बेकार हो गया.
इरा बोडनर ने एक वीडियो और पोस्ट के जरिए बताया कि जिस काम के लिए उन्होंने महीनों मेहनत की थी, वही काम अब एंथ्रोपिक का Claude खुद ही करने लगा है.
उनका कहना है कि उनका स्टार्टअप एक खास तरह का AI टूल बना रहा था जो यूजर्स के लिए कंटेंट और आइडिया तैयार करता था. लेकिन Claude के नए अपडेट में वही फीचर सीधे शामिल कर दिया गया. इसके बाद उनके प्रोडक्ट की जरूरत ही नहीं बची.
इरा का कहना है कि उन्हें सुबह उठकर यह एहसास हुआ कि उनका पूरा बिजनेस मॉडल ही खत्म हो चुका है. जिस फीचर को बनाने में उनकी टीम लगी थी, वही काम अब Claude फ्री या कम कीमत में दे रहा है. ऐसे में यूजर्स उनके टूल के लिए पैसे क्यों देंगे. यही वजह है कि उनका स्टार्टअप अब बंद होने की कगार पर है.
इस घटना के बाद टेक इंडस्ट्री में एक बड़ा सवाल उठ रहा है. क्या बड़े AI मॉडल छोटे स्टार्टअप्स के लिए खतरा बनते जा रहे हैं. AI कंपनियां जब अपने मॉडल अपडेट करती हैं, तो वे कई बार वही फीचर जोड़ देती हैं जिन पर छोटे स्टार्टअप काम कर रहे होते हैं. इससे छोटे स्टार्टअप्स के पास बचने का रास्ता कम हो जाता है.
Anthropic का Claude AI हाल के महीनों में काफी तेजी से बदला है. नए अपडेट में ज्यादा स्मार्ट जवाब, बेहतर कंटेंट जनरेशन और नए टूल्स जोड़े गए हैं.
Claude अब लंबे डॉक्यूमेंट समझ सकता है. कोड लिखने में मदद कर सकता है. आइडिया जनरेट कर सकता है. यही वजह है कि कई ऐसे टूल जो सिर्फ Claude के ऊपर बने थे, अब बेकार हो रहे हैं.
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह AI इंडस्ट्री का नया सच है. बड़े मॉडल प्लेटफॉर्म बनते जा रहे हैं. जो भी नया फीचर पॉपुलर होता है, उसे सीधे कोर प्रोडक्ट में जोड़ दिया जाता है.
इससे छोटे डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को नुकसान होता है. उनके पास या तो खुद को बहुत तेजी से बदलने का ऑप्शन होता है या फिर बिजनेस बंद करने का खतरा.
हालांकि कुछ लोग इसे अवसर के रूप में भी देख रहे हैं. उनका कहना है कि स्टार्टअप्स को अब सिर्फ फीचर नहीं, बल्कि पूरा सॉल्यूशन बनाना होगा. केवल एक छोटा सा टूल बनाकर AI के ऊपर टिके रहना मुश्किल हो गया है. अगर प्रोडक्ट में कोई अलग वैल्यू नहीं होगी, तो बड़े AI मॉडल उसे आसानी से निगल जाएंगे.
इरा बोडनर की कहानी एक चेतावनी की तरह देखी जा रही है. यह दिखाता है कि AI कितनी तेजी से बदल रहा है. जो चीज आज इनोवेशन लगती है, वह कल स्टैंडर्ड फीचर बन सकती है. आने वाले समय में ऐसे मामले और सामने आ सकते हैं. जहां कोई नया AI अपडेट कई स्टार्टअप्स का बिजनेस मॉडल हिला देगा.
इस पूरे मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या बड़ी AI कंपनियों को छोटे डेवलपर्स के लिए कोई सेफ स्पेस बनानी चाहिए. या फिर यह टेक दुनिया का नेचुरल सिलेक्शन है. जहां वही टिकेगा जो खुद को तेजी से बदल पाएगा.
मुन्ज़िर अहमद