15 साल की उम्र में आईपीएल के मंच पर गेंदबाजों के होश उड़ाने वाले वैभव सूर्यवंशी को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सिर्फ टी20 क्रिकेट के लिए बनी है? लेकिन अब खुद वैभव ने इस बहस का जवाब दे दिया है. युवा बल्लेबाज ने साफ कहा है कि उनका सपना सिर्फ एक फॉर्मेट तक सीमित नहीं है, बल्कि वह क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं.
आईपीएल में अपने बेखौफ अंदाज और विस्फोटक स्ट्रोक्स से पहचान बनाने वाले वैभव का मानना है कि हर फॉर्मेट की अपनी मांग होती है और एक बल्लेबाज को उसी के हिसाब से खुद को ढालना पड़ता है. यही वजह है कि वह रेड बॉल क्रिकेट को भी उतनी ही गंभीरता से लेते हैं, जितनी टी20 को.
'मेरा सपना तीनों फॉर्मेट खेलने का है'
जब वैभव से पूछा गया कि क्या वह भविष्य में रेड बॉल क्रिकेट भी खेलना चाहते हैं, तो उनका जवाब बिल्कुल स्पष्ट था। उन्होंने कहा,'मेरा सपना तो तीनों फॉर्मेट खेलने का है.'
उन्होंने आगे बताया कि लाल गेंद से उनकी तैयारी लगातार जारी रहती है और वह केवल सीमित ओवरों के क्रिकेट पर निर्भर नहीं हैं.
वैभव ने कहा,'मैं रेड बॉल से काफी प्रैक्टिस कर चुका हूं और आज भी करता हूं. अपने स्टेट के लिए भी खेलता हूं. इसलिए मुझे रेड बॉल क्रिकेट भी खेलना है.'
यह बयान बताता है कि वैभव खुद को सिर्फ टी20 स्पेशलिस्ट के रूप में नहीं देखते, बल्कि लंबी रेस का खिलाड़ी बनने की तैयारी कर रहे हैं.
बल्लेबाजी बदलने को भी तैयार
वैभव की बल्लेबाजी का सबसे बड़ा आकर्षण उनका आक्रामक रवैया है. वह पहली ही गेंद से गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. हालांकि उनका कहना है कि यह शैली फॉर्मेट की जरूरत के मुताबिक है.
उन्होंने कहा, 'मैं इसलिए इस तरीके से बल्लेबाजी करता हूं क्योंकि इस फॉर्मेट में यही नीड है. रेड बॉल में जो नीड होगी, मैं उसी तरीके से अपनी बल्लेबाजी को बदल लूंगा.'
यानी वैभव का मानना है कि क्रिकेट में सफलता का राज सिर्फ आक्रामकता नहीं, बल्कि परिस्थितियों और फॉर्मेट के अनुसार खुद को ढालने में है.
आलोचकों को भी मिला जवाब
आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे कि क्या वैभव टेस्ट क्रिकेट की कसौटी पर भी खरे उतर पाएंगे. लेकिन उनके ताजा बयान से साफ है कि वह इस चुनौती से पीछे हटने वाले नहीं हैं.
रेड बॉल क्रिकेट में तकनीक, धैर्य और लंबे समय तक एकाग्रता की जरूरत होती है. वैभव का दावा है कि वह इस फॉर्मेट के लिए भी लगातार अभ्यास कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अपने खेल में बदलाव करने को तैयार हैं.
भविष्य का बड़ा संकेत
भारतीय क्रिकेट में अक्सर युवा खिलाड़ी किसी एक फॉर्मेट में विशेषज्ञ बनकर उभरते हैं, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की सोच अलग दिखाई देती है. जिस उम्र में अधिकांश खिलाड़ी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे होते हैं, उस उम्र में वैभव तीनों फॉर्मेट खेलने का सपना खुलकर जाहिर कर रहे हैं.
उनके शब्द सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि यह संकेत हैं कि भारतीय क्रिकेट का यह नया सितारा खुद को केवल टी20 के मंच तक सीमित नहीं रखना चाहता. वैभव की नजर अब टेस्ट, वनडे और टी20... तीनों प्रारूपों में भारत की जर्सी पहनने पर है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क