गिल ने फाइनल का टिकट छीना... पर सबसे ज्यादा तालियां वैभव बटोर ले गए

आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालिफायर में शुभमन गिल और वैभव सूर्यवंशी ने दो शानदार पारियां खेलीं. गिल के 104 रनों की बदौलत गुजरात टाइटन्स ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि 15 साल के वैभव ने 96 रन बनाकर एक बार फिर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया. एक ने टीम को जीत दिलाई, दूसरे ने हार के बावजूद क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया.

Advertisement
104 बनाम 96... जीत गिल की हुई, महफिल वैभव लूट ले गया....(Photo, PTI) 104 बनाम 96... जीत गिल की हुई, महफिल वैभव लूट ले गया....(Photo, PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:34 AM IST

आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालिफायर में एक तरफ 15 साल का वह लड़का था, जिसने पूरे सीजन में क्रिकेट की दुनिया को हैरत में डाल रखा था. दूसरी तरफ भारतीय क्रिकेट का वह युवा सितारा था, जो अपनी क्लास, निरंतरता और कप्तानी से टीम को एक बार फिर फाइनल तक ले जाने के मिशन पर था.

शुक्रवार रात न्यू चंडीगढ़ में खेले गए मुकाबले में आखिरकार शुभमन गिल का शतक वैभव सूर्यवंशी की जुझारू पारी पर भारी पड़ा. गुजरात टाइटन्स ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराकर तीसरी बार आईपीएल फाइनल में जगह बना ली. अब खिताबी मुकाबले में गुजरात का सामना मौजूदा चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा.

Advertisement

...लेकिन स्कोरकार्ड से आगे बढ़कर देखें तो यह मैच दो असाधारण पारियों की कहानी बन गया. एक पारी ने टीम को जीत दिलाई, दूसरी ने हार के बावजूद दिल जीत लिए.

वैभव ने फिर साबित किया, उम्र सिर्फ एक संख्या है

इस सीजन में रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड तोड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर दिखाया कि वह सिर्फ बड़े शॉट्स खेलने वाला बल्लेबाज नहीं है. उन्होंने 47 गेंदों पर 96 रन बनाए, लेकिन इस पारी की सबसे बड़ी खूबी रन नहीं, बल्कि हालात के मुताबिक खुद को ढालने की क्षमता थी.

पिच आसान नहीं थी. गेंद बल्ले पर वैसी नहीं आ रही थी जैसी पिछले मुकाबलों में आ रही थी. राजस्थान के दूसरे छोर से लगातार विकेट गिर रहे थे. ऐसे में वैभव ने सिर्फ हमला नहीं किया, बल्कि परिस्थिति को पढ़ा. उन्होंने समय लिया, संयम दिखाया और जरूरत पड़ने पर गियर बदला.

Advertisement

यही वजह है कि इस पारी को उनके करियर की सबसे परिपक्व पारियों में से एक माना जा रहा है..

पिछली चार पारियों पर नजर डालें तो वैभव के बल्ले से 93, 4, 97 और 96 रन निकले हैं. यानी चार मैचों में तीन बार वह 90 के पार पहुंचे हैं. यह आंकड़ा बताता है कि दबाव और बड़े मंच से यह किशोर बल्लेबाज घबराता नहीं, बल्कि और ज्यादा निखरकर सामने आता है.

हालांकि वह इस बार शतक से चार रन दूर रह गए, लेकिन उनकी 96 रनों की पारी किसी शतक से कम नहीं थी.

वैभव सूर्यवंशी.... आईपीएल 2026 की कहानी गढ़ गए. (Photo, PTI)

हार का दर्द और आंखों में दिखा सपना

मैच खत्म होने के बाद वैभव की आंखों में निराशा साफ दिखाई दी. वह ऑरेंज कैप या व्यक्तिगत रिकॉर्ड के लिए नहीं रो रहे थे. दर्द इस बात का था कि उनकी टीम फाइनल तक नहीं पहुंच सकी. यही भावना उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है.

15 साल की उम्र में जहां ज्यादातर खिलाड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों पर खुश होते हैं, वहीं वैभव की निराशा टीम की हार को लेकर थी. शायद यही वजह है कि क्रिकेट जगत उन्हें सिर्फ एक प्रतिभा नहीं, बल्कि भविष्य का बड़ा सितारा मान रहा है.

Advertisement

फिर आया शुभमन गिल का क्लासिक जवाब

लेकिन उसी मैदान पर दूसरी पारी भी लिखी जा रही थी. शुभमन गिल ने 53 गेंदों पर 104 रन बनाए. उनकी पारी में 15 चौके और तीन छक्के शामिल थे. यह सिर्फ एक शतक नहीं था, बल्कि कप्तान का बयान था.

गिल ने दिखाया कि टी-20 क्रिकेट सिर्फ ताकत का खेल नहीं है. टाइमिंग, गैप खोजने की कला और जोखिम को नियंत्रित करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. यह उनके आईपीएल करियर का पांचवां शतक था. हर बड़ा मैच बड़े खिलाड़ियों को पुकारता है और गिल ने उस पुकार का जवाब अपने बल्ले से दिया.

मंजिल एक, रास्ते अलग-अलग

इस मुकाबले की सबसे खूबसूरत बात यही थी कि वैभव और गिल ने लगभग एक जैसा काम किया, लेकिन उनके तरीके बिल्कुल अलग थे. वैभव ने आक्रमण, ताकत और निडरता से रन बनाए. उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाया और बड़े शॉट्स के जरिए मैच का रुख बदलने की कोशिश की.

दूसरी तरफ गिल ने क्लासिकल बल्लेबाजी की मिसाल पेश की. उन्होंने चौकों के जरिए रन बटोरे, गैप खोजे और मैच को अपने नियंत्रण में रखा.

एक ने आसमान का रास्ता चुना, दूसरे ने जमीन का. लेकिन दोनों की मंजिल एक ही थी- अपनी टीम के लिए मैच जीतना.

Advertisement

यही क्रिकेट की खूबसूरती है. यहां सफलता का कोई एक फॉर्मूला नहीं होता. अलग-अलग रास्ते भी आपको उसी मंजिल तक पहुंचा सकते हैं.

इस रात फाइनल का टिकट शुभमन गिल लेकर चले गए, लेकिन वैभव सूर्यवंशी भी खाली हाथ नहीं लौटे. उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को उसका अगला बड़ा सुपरस्टार मिल चुका है.

स्कोरबोर्ड ने गुजरात को विजेता बताया, लेकिन इस मैच ने क्रिकेट को दो अनमोल कहानियां दीं- एक शुभमन गिल के शतक की और दूसरी वैभव सूर्यवंशी के भविष्य की.

दो पारियां, दो युवा सितारे, दो अलग अंदाज... और क्रिकेट की एक यादगार शाम.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »