3 बार टी20 वर्ल्ड चैम्पियन, 2 बार वनडे चैम्पियन, एक बार महिला वनडे वर्ल्ड कप चैम्पियन.... टीम इंडिया के आंकड़े 8 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ 96 रनों की प्रचंड जीत के बाद ऐसे हो गए हैं.
2007, 2024 के बाद 2026 में टीम इंडिया तीसरी बार टी20 में टीम इंडिया चैम्पियन बनी. भारत की इस जीत का सबसे बड़ा हाइपॉइंट यह रहा कि यह हमारी टीम टी20 वर्ल्ड कप 3 बार जीतने वाली पहली और इकलौती टीम गई है.
वहीं वनडे क्रिकेट की बात की जाए तो 1983 और 2011 में दो बार चैम्पियन बन चुकी है. वहीं 2003 और 2023 का वर्ल्ड कप में उपविजेता रही थी. 2003 और 2023 दोनों ही बार भारत का सपना ऑस्ट्रेलिया ने चकनाचूर किया. वैसे पिछले साल 2025 में भारतीय महिला टीम भी पहली बार वनडे की चैम्पियन बनीं.
वैसे हार हो या जीत, हर वर्ल्ड कप के बाद टीम का कप्तान सबसे ज्यादा आलोचनाओं के रडार पर रहता है. यह बात इस वर्ल्ड कप जीत के बाद भी साफ तौर पर नजर आई है. वर्ल्ड कप फाइनल में सूर्यकुमार यादव 0 पर क्या आउट हुए, 'सोशल मीडिया के धुरंधर' उनकी कप्तानी स्क्लिस को छोड़कर उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन पर सवाल उठाने लगे.
बात यह होने लगी कि उनका प्रदर्शन अमेरिका के खिलाफ ही ओपनिंग मैच में आया, बाकी मैच में तो बस उन्होंने निराश नहीं किया. यहां तक उनको वर्ल्ड कप जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहना पड़ा कि अभी वह कोई संन्यास नहीं ले रहे हैं, बल्कि उनका टारगेट 2028 लॉस एंजिल्स में गोल्ड मेडल जीतना और उसी साल टी20 वर्ल्ड कप जीतना है.
सूर्यकुमार यादव ने 9 मैचों की 9 पारियो में 242 रन 30.25 के एवरेज और 136.72 के स्ट्राइक रेट से बनाए.
जबकि सूर्या ने कुल मिलाकर 113 टी20 इंटरनेशनल मैचों की 107 पारियों में 3272 रन 36.35 के एवरेज और 162.94 के स्ट्राइक रेट से बनाए.
यानी साफ है कि सूर्या का टी20 वर्ल्ड कप का एवरेज और स्ट्राइक रेट दोनों ही उनके ओवरऑल टी20 इंटरनेशल मैचों के मुकाबले कम रहा, इसी वजह से वो सवालों के घेरे में रहे.
हालांकि सूर्या संजू सैमसन (5 मैच 321 रन), ईशान किशन (9 मैच 317 रन) के बाद वो रन बनाने के मामले में भारतीय टीम की ओर तीसरे नंबर के और ओवरऑल वर्ल्ड कप में 10वें नंबर के खिलाड़ी रहे.
अब ऐसे में सवाल उठता है, जब-जब भारतीय टीम ने किसी भी फॉर्मेट का वर्ल्ड कप जीता, तब-तब भारतीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहा, आइए उस पर नजर डाल लेते हैं....
1983 में कपिल देव का का प्रदर्शन
1983 के वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 43 रनों से मात दी थी. उस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की ओर से सबसे ज्यारन बनाने वाले कप्तान कप्तान कपिल देव ही थे.
कपिल देव ने 8 मैचों की पारियों में 303 रन 175* के हाइएस्ट स्कोर, 60.60 के एवरेज और 108.99 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे, कपिल देव की वो 175 रनों की नाबाद पारी तो तब आई थी जब भारतीय टीम के 17 रन पर 5 विकेट जिम्बाब्वे के खिलाफ गिर गए थे. वहीं कपिल देव ने तब गेंदबाजी में भी धमाकेदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने 8 मैचों में 12 विकेट 20.41 के एवरेज और 2.91 की शानदार इकोनॉमी से गेंदबाजी की थी.
वैसे 1983 के वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन इंग्लैंड के डेविड गावर (7 मैच 384 रन) ने बनाए, वहीं सबसे ज्यादा विकेट भारत के रोजर बिन्नी (8 मैच 18 विकेट) ने लिए. कपिल देव रन बनाने के मामले में 5वें नंबर पर थे और विकेट लेने के मामले में छठे नंबर पर थे.
2007 में एमएस धोनी का प्रदर्शन
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2007 में ओपनिंग टी20 वर्ल्ड कप पाकिस्तान को 5 रनों से हराकर जीता था. तब एमएस धोनी ने 7 मैचों में 154 रन 30.80 के एवरेज और 128.33 के स्ट्राइक रेट से बनाए थे.
धोनी रन बनाने के मामले में 11वें नंबर पर थे. वहीं उन्होंने एक ही शिकार किया था. 2007 में सबसे ज्यादा रन मैथ्यू हेडन (6 मैच में 265 रन ) और सबसे ज्यादा विकेट उमर गुल (7 मैच, 13 विकेट) के नाम थे.
2011 में एमएस धोनी का प्रदर्शन
2011 वर्ल्ड कप फाइनल भारत ने श्रीलंका केा 6 विकेट से हराया था. कप्तान धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 91 नाबाद की पारी खेली थी, वहीं गौतम गंभीर ने 97 रन बनाए थे. वर्ल्ड कप में गौतम गंभीर ने 9 मैचों में 393 रन,वीरेंद्र सहवाग ने 8 मैचों में 380 रन और युवराज सिंह ने 9 मैचों में 362 रन बनाए थे.
वहीं भारतीय कप्तान धोनी ने 9 मैचों की 8 पारियों में 241 रन 48.20 के एवरेज से बनाए थे. वो उस वर्ल्ड कप में रन बनाने के मामले में 24वें नंबर पर थे. इसके अलावा धोनी ने 10 शिकार (7 कैच, 3 स्टम्प) भी किए थे.
2024 टी0 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा का प्रदर्शन
2024 में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को बारबडोस के मैदान में साउथ अफ्रीका 7 रनों से मात दी थी. जहां भारतीय कप्तान रोहित शर्मा रहमानुल्लाह गुरबाज (8 मैच 281 रन) के बाद रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर थे.
रोहित ने उस वर्ल्ड कप की 8 मैचों की 8 पारियों में 257 रन बनाए थे. रोहित का उस वर्ल्ड कप हाइएस्ट स्कोर 92 था. वहीं उहोंने 36.71 के एवरेज 156.70 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे.
जब महिला टीम बनी चैम्पियन तब हरमन का प्रदर्शन
भारतीय महिला टीम ने 2 नवंबर 2025 को साउथ अफ्रीका को वनडे वर्ल्ड कप में 52 रनों से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप जीता था. लॉरा वोलवार्ट (9 मैच 571 रन) उस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं, वहीं स्मृति मंधाना नंबर 2 पर थीं. मंधाना ने 9 मैचों में 434 रन स्कोर किए थे. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 9 मैचों में 260 रन बनाए थे, वह रन बनाने के मामले में 11वें नंबर पर थीं.
यानी आंकड़ों से एक बात तो साफ है कि बतौर कप्तान देखा जाए तो कपिल देव का प्रदर्शन बाकी भारतीय कप्तानों से बेहतर था. वैसे सूर्या के प्रदर्शन पर हाल में भले ही सवाल उठ रहे हों, लेकिन बतौर कप्तान किसी भी खिलाड़ी को कई तरह की चीजें झेलनी पड़ती हैं, जिनमें हर मैच का प्रेशर, मीडिया का दबाव, फैन्स की उम्मीदें जैसी चीजें हैं, ऐसे में उम्मीद इसी बात की है...सूर्या अपने फॉर्म में आने वाले समय में शानदार वापसी करेंगे.
Krishan Kumar