भारत में बच्चों की तस्करी और झांसा देने का एक जाल बड़ी मजबूती से काम करता है. इस खेल का पूरा सिस्टम बना हुआ है जिसमें बच्चे सप्लायर, बिचौलिए और खरीदार सबका हिस्सा होता है. अलग अलग राज्यों से बच्चों को दिल्ली लाया जाता है. वे जोड़े जो बच्चे गोद लेने की इच्छा रखते हैं, उनकी पहचान नेटवर्क के माध्यम से की जाती है. खासतौर पर वे पति-पत्नी जिन्हें अस्पतालों में बच्चा पैदा न होने की समस्या होती है, उन्हें टारगेट किया जाता है.