पिछले हफ्ते हुई भारी बारिश से किसानों की उम्मीदें बढ़ी थीं कि इस बार उनकी फसलों की पैदावार अच्छी होगी. मॉनसून देर से आया लेकिन जब आया तो बूंदाबांदी जोरदार रही. हालांकि, दो दिन के अंदर ही तेज धूप और उमस ने मौसम को गर्मी से भरा माहौल दिया जो मई जून की गर्मी जैसा लग रहा है. इस बदलाव ने किसानों और आम लोगों दोनों को प्रभावित किया है.