अली लारिजानी की मौत ने ईरान की राजनीति में बड़ा खालीपन छोड़ दिया है. वे सत्ता, IRGC और कूटनीति के बीच संतुलन बनाने वाले अहम नेता थे. मोजतबा खामेनेई के विरोध और मध्यमार्गी सोच के चलते उन्हें सत्ता संतुलन का प्रमुख खिलाड़ी माना जाता था.