2026 अंतरिक्ष विज्ञान और अन्वेषण के लिए एक महत्वपूर्ण साल साबित होने वाला है. नासा, स्पेसएक्स, ब्लू ओरिजिन, चीन और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी जैसे संगठन कई बड़े मिशन शुरू करने वाले हैं. इनमें चंद्रमा के चारों ओर अंतरिक्ष यात्रियों की उड़ान, एस्टेरॉयड से नमूने लाना, बुध ग्रह की कक्षा में पहुंचना और नए शक्तिशाली अंतरिक्ष टेलीस्कोप लॉन्च करना शामिल है. ये मिशन हमें सौर मंडल की गहराई समझने, ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने और मानव को अंतरिक्ष में आगे ले जाने में मदद करेंगे.
यहां 2026 के प्रमुख अंतरिक्ष मिशनों की सूची है...
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन फरवरी 2026 में लॉन्च होने वाला है. चार अंतरिक्ष यात्री – रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन – ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर चंद्रमा के चारों ओर घूमकर वापस आएंगे. यह 1972 के अपोलो 17 के बाद पहला क्रूड मिशन होगा जो पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर जाएगा. यह मिशन भविष्य के चंद्रमा लैंडिंग के लिए जरूरी सिस्टम की जांच करेगा.
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स्पेसएक्स का स्टारशिप मेगा रॉकेट 2026 में पहली बार पृथ्वी की कक्षा में पहुंच सकता है. कंपनी ऑर्बिट में प्रोपेलेंट ट्रांसफर (ईंधन भरने) का प्रदर्शन करना चाहती है, जो चंद्रमा और मंगल मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है. एलन मस्क ने मंगल की ओर लॉन्च की संभावना जताई है, लेकिन मुख्य लक्ष्य ऑर्बिटल ऑपरेशन और रीयूजेबिलिटी है.
ब्लू ओरिजिन का रोबोटिक लूनर लैंडर MK1 शुरुआती 2026 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा. न्यू ग्लेन रॉकेट से लॉन्च होकर यह बड़ा कार्गो लैंडर चंद्रमा पर भारी सामान पहुंचाएगा. सटीक लैंडिंग तकनीक का परीक्षण करेगा.
बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट अप्रैल 2026 में अनमैन्ड (बिना अंतरिक्ष यात्रियों के) मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाएगा. यह कार्गो लेकर जाएगा और सिस्टम अपग्रेड की जांच करेगा.
कैलिफोर्निया की कंपनी वास्ट मई 2026 में हेवन-1 नाम का पहला निजी अंतरिक्ष स्टेशन लॉन्च करेगी. स्पेसएक्स के फाल्कन 9 से लॉन्च होकर यह छोटे क्रू मिशनों की मेजबानी करेगा.
चीन का तियानवेन-2 मिशन जुलाई 2026 में कामोओआलेवा नाम के निकट-पृथ्वी एस्टेरॉयड पर पहुंचेगा. यह नमूने इकट्ठा करके 2027 में पृथ्वी पर लौटेगा. यह एस्टेरॉयड चंद्रमा का टुकड़ा हो सकता है.
रॉकेट लैब मध्य 2026 में अपना नया न्यूट्रॉन रॉकेट लॉन्च करेगी. यह आंशिक रूप से रीयूजेबल होगा और बड़े सैटेलाइट्स को कक्षा में ले जाएगा.
चीन का चांग'ई-7 मिशन मध्य से देर 2026 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर, रोवर और हॉपिंग प्रोब भेजेगा. यह पानी और बर्फ की खोज करेगा.
यूरोपीय स्पेस एजेंसी का हेरा नवंबर 2026 में डिडिमोस एस्टेरॉयड सिस्टम पर पहुंचेगा. यह नासा के DART मिशन के प्रभाव का अध्ययन करेगा, जो ग्रह रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.
ईएसए और जेएक्सए का बेपीकोलंबो नवंबर 2026 में बुध की कक्षा में प्रवेश करेगा. दो ऑर्बिटर बुध की सतह, आंतरिक संरचना और चुंबकीय क्षेत्र का अध्ययन करेंगे.
चीन का शुनतियन टेलीस्कोप देर 2026 में लॉन्च होगा. यह हबल जैसा शक्तिशाली होगा और ब्रह्मांड के बड़े क्षेत्रों का सर्वे करेगा.
सिएरा स्पेस का ड्रीम चेजर स्पेस प्लेन देर 2026 में पहली उड़ान भरेगा. यह रीयूजेबल होगा और कार्गो लेकर रनवे पर लैंड करेगा.
नासा का रोमन टेलीस्कोप गिरावट 2026 में लॉन्च हो सकता है. यह डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और एक्सोप्लैनेट्स का अध्ययन करेगा.
ये मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. 2026 में हम चंद्रमा पर वापसी, नए ग्रहों की खोज और ब्रह्मांड के रहस्यों को करीब से देखेंगे. अंतरिक्ष का यह साल रोमांचक और नई खोजों वाला होगा.
ऋचीक मिश्रा