विश्व मौसम संगठन (WMO) ने जनवरी 2026 को चरम मौसम का महीना बताया है. इस महीने दुनिया भर में गर्मी, ठंड, बर्फबारी, बारिश और बाढ़ के रिकॉर्ड टूटे. WMO की सेक्रेटरी-जनरल सेलेस्टे साउलो ने कहा कि हर साल मौसम से जुड़ी आपदाओं से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ रही है.
एक्सट्रीम वेदर विश्व आर्थिक मंच के ग्लोबल रिस्क्स रिपोर्ट में टॉप रिस्क में शामिल है. लंबे समय से तापमान बढ़ने से ऐसे चरम मौसम ज्यादा हो रहे हैं. WMO ने हाल ही में पुष्टि की कि 2025 तीन सबसे गर्म सालों में से एक था. 2026 के लिए भी समान ट्रेंड दिख रहे हैं.
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चरम गर्मी और जंगल की आग
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चरम ठंड और बर्फीले तूफान
ग्लोबल स्तर पर ठंडी घटनाएं कम हो रही हैं, लेकिन रिजनल कोल्ड स्नैप्स अभी भी होते हैं. पोलर वोर्टेक्स कमजोर होने से आर्कटिक हवा मिड-लैटिट्यूड में आई, जिससे उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया में ठंडी लहरें आईं.
कनाडा और USA में जनवरी के आखिरी हफ्ते में बड़ा विंटर स्टॉर्म आया. बर्फ, ओले, फ्रीजिंग रेन से फ्लाइट कैंसल, पावर आउटेज और सैकड़ों मौतें हुईं.
रूस के कामचटका प्रायद्वीप पर जनवरी के पहले दो हफ्तों में 2 मीटर से ज्यादा बर्फबारी हुई. दिसंबर में 3.7 मीटर हुई थी. 1970 के बाद सबसे ज्यादा. राजधानी पेट्रोपावलोवस्क-कामचात्स्की में बर्फ से कारें दबीं, इमारतें ब्लॉक हुईं.
भारत में जनवरी में बर्फबारी देर से हुई, लेकिन अब मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस से पहाड़ों पर बर्फ की चादर.
भारी बारिश और बाढ़
दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका (मोजाम्बिक सबसे ज्यादा प्रभावित) में हफ्तों की बारिश से नदियां उफान पर. 650,000 लोग प्रभावित, लाखों विस्थापित, 30,000 घर क्षतिग्रस्त. राजधानी मापुटो सबसे ज्यादा प्रभावित.
इंडोनेशिया (वेस्ट जावा) में 24 जनवरी को लैंडस्लाइड से 50+ मौतें. भारी बारिश ट्रिगर, लेकिन भूगोल, ढलान और गलत लैंड यूज कारण.
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न्यूजीलैंड में ट्रॉपिकल स्टॉर्म से उत्तर द्वीप में रिकॉर्ड बारिश, बाढ़-लैंडस्लाइड से मौतें.
उत्तर अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, नेपाल में भारी बर्फबारी-बारिश से बाढ़-हिमस्खलन का खतरा.
यूरोप में बैक-टू-बैक स्टॉर्म से भारी बारिश, तेज हवा, बाढ़. आयरलैंड से स्पेन तक प्रभावित.
क्यों हो रहे हैं ये चरम मौसम?
लंबे समय से ग्लोबल वार्मिंग से मौसम पैटर्न बदल रहे हैं. पोलर जेट स्ट्रीम में वेवीनेस बढ़ी, जिससे ठंडी हवा दक्षिण की ओर आ रही है. IPCC कहता है कि जलवायु परिवर्तन हीटवेव बढ़ा रहा है, जबकि ठंडी घटनाएं कम हो रही हैं लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं.
आशुतोष मिश्रा