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समंदर में बह रहा रूसी 'टाइमबम', जानिए किस देश की ओर बढ़ रहा, Photos

आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:45 PM IST
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इटली और माल्टा के बीच भूमध्य सागर में रूसी तेल टैंकर आर्कटिक मेटागाज़ कई दिनों से बिना क्रू के बह रहा है. 3 मार्च को ड्रोन हमले में यह टैंकर शिकार हुआ. हमले के बाद आग लग गई. 30 सदस्यीय चालक दल ने लाइफबोट से जहाज छोड़ दिया. कुछ सदस्य झुलस भी गए. अब जहाज पूरी तरह बेकाबू है. रूस ने इसे यूक्रेनी ड्रोन हमला बताया है, लेकिन यूक्रेन की ओर से कोई जवाब नहीं आया. Photo: Reuters

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यह टैंकर रूस के शैडो फ्लीट का हिस्सा हो सकता है. इसमें 900 मीट्रिक टन डीजल और 60,000 मीट्रिक टन से ज्यादा एलएनजी भरा है. हेलिकॉप्टर से देखने पर जहाज का एक हिस्सा काला और झुका हुआ दिख रहा है. बाएं तरफ बड़ा छेद भी है. आसपास पानी में पतली परत दिख रही है, जो प्रदूषण की आशंका बढ़ा रही है. इटली के अधिकारियों ने इसे पर्यावरण के लिए टाइम बम बताया है. Photo: AFP

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रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्री और हवाई ड्रोन से हमला हुआ. हमले के बाद चालक दल को बेन्गाजी (लीबिया) पहुंचाया गया. रूसी दूतावास ने इसमें मदद की. रूस की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने इसे आतंकवादी हमला बताया और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा. अभी तक किसी यूरोपीय देश ने इसकी निंदा नहीं की है. Photo: Reuters

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इटली सरकार बदलती हवाओं से चिंतित है. अगर हवा बदली तो यह जहाज इटली के तट की ओर आ सकता है. प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की अध्यक्षता में विशेष बैठक हुई. इसमें रक्षा, विदेश और समुद्री सुरक्षा मंत्री शामिल थे. विशेषज्ञों ने कहा कि इसे बंदरगाह पर लाना सुरक्षित नहीं होगा. इटली और माल्टा ने टगबोट और प्रदूषण नियंत्रण उपकरण तैयार रखे हैं. Photo: AFP

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जहाज का पूरा नियंत्रण खत्म हो चुका है. इसमें अब कोई व्यक्ति नहीं है. रूसी मालिक कंपनी एलएलसी एसएमपी टेकमैनेजमेंट से अभी तक कोई संपर्क नहीं हुआ. माल्टा ने विशेष बचाव दल नियुक्त किया है. दल तय करेगा कि जहाज को खींचा जाए या समुद्र में डुबो दिया जाए. दोनों विकल्पों में पर्यावरणीय खतरा बहुत बड़ा है. Photo: AFP

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WWF ने चेतावनी दी है कि अगर ईंधन या गैस रिसाव हुआ तो समुद्री जीवन को नुकसान होगा. एलएनजी रिसाव से आग लग सकती है. जहरीले गैस के बादल बन सकते हैं. यह क्षेत्र भूमध्य सागर का संवेदनशील हिस्सा है, जहां ब्लूफिन टूना और स्वोर्डफिश जैसी मछलियां रहती हैं. प्रदूषण फैलने से मछली पकड़ने और पर्यटन पर भी असर पड़ेगा. Photo: AFP

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इटली और माल्टा दोनों देश अलर्ट पर हैं. विशेषज्ञ कह रहे हैं कि जल्द कार्रवाई जरूरी है. अगर जहाज और करीब आया तो बड़ा पर्यावरणीय संकट पैदा हो सकता है. रूस का शैडो फ्लीट और यूक्रेन-रूस जंग की वजह से यह घटना और गंभीर हो गई है. दुनिया अब देख रही है कि इस समुद्री टाइम बम को कैसे रोका जाएगा. Photo: AFP

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