Gas Chulha Vastu Tips: किचन की इस दिशा में रखें चूल्हा, पैसों से भर जाएंगी तिजोरियां!

Gas Chulha Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में रखा गैस चूल्हा घर में कंगाली और बीमारियां लाता है. जानें किस दिशा में चूल्हा रखने से धन हानि होती है और क्या है गैस स्टोव रखने की सबसे सही और शुभ दिशा.

Advertisement
गैस चूल्हा वास्तु टिप्स (Photo: ITG) गैस चूल्हा वास्तु टिप्स (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST

Gas Chulha Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में रसोईघर को घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है क्योंकि यह हमारे स्वास्थ्य और समृद्धि का केंद्र है. दरअसल, रसोईघर में मां अन्नपूर्णा का निवास होता है. गलत दिशा में रखा गैस चूल्हा घर में आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है. अग्नि तत्व का संतुलन बिगड़ने से न केवल धन की हानि होती है, बल्कि परिवार के सदस्यों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है.

Advertisement

किस दिशा में चूल्हा रखने से क्या नुकसान होता है?

उत्तर दिशा (North): यह कुबेर देव की दिशा मानी जाती है. यहां चूल्हा (अग्नि) रखने से धन के आगमन के रास्ते बंद हो जाते हैं और व्यापार या नौकरी में बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.

उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण): यह जल और देवताओं की दिशा है. यहां अग्नि का होना भारी मानसिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं और धन की भारी बर्बादी (विशेषकर बीमारियों पर खर्च) लेकर आता है.

दक्षिण-पश्चिम दिशा (South-West): यह दिशा स्थिरता की है. यहां चूल्हा रखने से घर के मुखिया के करियर में अस्थिरता आती है और सेविंग्स धीरे-धीरे खत्म होने लगता है.

गैस चूल्हा रखने की सही दिशा क्या है?

दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण)

वास्तु के अनुसार, गैस चूल्हा रखने के लिए रसोई का आग्नेय कोण ही सबसे उत्तम है. इस दिशा के स्वामी अग्नि देव हैं यहां चूल्हा रखने से घर में बरकत बनी रहती है और धन-धान्य की कमी नहीं होती है.

Advertisement

बनाने वाले का मुख 
भोजन बनाते समय खाना बनाने वाले का मुख हमेशा पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सेहत अच्छी रहती है.

यदि किसी कारणवश आग्नेय कोण में जगह न हो, तो उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) दिशा में भी चूल्हा रखा जा सकता है.

रसोई से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स

सिंक और चूल्हे की दूरी 
पानी (सिंक) और आग (चूल्हा) को कभी भी एक साथ या बिल्कुल पास-पास नहीं रखना चाहिए. यह गंभीर वास्तु दोष पैदा करता है, जिससे घर में कलह और आर्थिक तंगी आ सकती है. इनके बीच कम से कम कुछ फीट की दूरी या कोई विभाजन होना जरूरी है.

मुख्य द्वार के सामने न हो चूल्हा 
घर के मुख्य दरवाजे से गैस चूल्हा सीधे दिखाई नहीं देना चाहिए. इसे वास्तु में अच्छा नहीं माना जाता है.

चूल्हे की सफाई 
रात को सोने से पहले चूल्हे और रसोई की सफाई जरूर करें. गंदा चूल्हा राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है और मां लक्ष्मी को रुष्ट करता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »