घर में मनीप्लांट को सिर्फ सजावटी पौधा मानकर कहीं भी रख देना वास्तु के अनुसार सही नहीं माना जाता है. मान्यता है कि इसकी सही दिशा और सही तरीके से देखभाल करने पर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. जबकि गलत स्थान पर रखा गया मनीप्लांट आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों को बढ़ाने का काम करता है. आइए जानते हैं मनीप्लांट लगाने से जुड़े कुछ जरूरी वास्तु नियम.
मनीप्लांट किस दिशा में रखें?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनीप्लांट को दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा में लगाना सबसे शुभ माना जाता है. इस दिशा में रखा गया मनीप्लांट घर में सकारात्मक वातावरण और आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखने में सहायक माना जाता है. इसके विपरीत, गलत दिशा में रखा गया पौधा अपेक्षित लाभ नहीं दे पाता है और परेशानियां बढ़ने की आशंका रहती है.
दक्षिण-पूर्व दिशा शुभ
वास्तु के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा को ऊर्जा और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए मनीप्लांट को इसी दिशा में रखना अधिक लाभकारी माना जाता है. यदि पौधा गमले में है तो उसे भी इसी दिशा में रखें और उसकी बेल को किसी स्टैंड, रस्सी या सहारे के माध्यम से ऊपर की ओर बढ़ने दें.
जमीन पर लटकी बेल
मनीप्लांट की बेल को जमीन पर फैलने देना उचित नहीं माना जाता. यदि इसे मिट्टी में लगाया गया है तो भी इसकी बेल को ऊपर की ओर चढ़ने की व्यवस्था करनी चाहिए. वास्तु मान्यताओं के अनुसार ऊपर की ओर बढ़ती बेल प्रगति और उन्नति का प्रतीक मानी जाती है, जबकि जमीन पर फैली बेल सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर कर सकती है.
नियमित देखभाल जरूरी
मनीप्लांट को केवल सही दिशा में रखना ही पर्याप्त नहीं माना जाता. इसकी नियमित देखभाल भी जरूरी है. सूखी, पीली या मुरझाई हुई पत्तियों को समय-समय पर हटाना चाहिए. पौधे को स्वस्थ और हरा-भरा बनाए रखने से घर का वातावरण भी सकारात्मक बना रहता है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
1. मनीप्लांट के पास गंदगी, जूते-चप्पल या कांटेदार पौधे न रखें.
2. मनीप्लांट के एक ही जगह कई पौधे न रखें.
3. उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में मनीप्लांट कभी न रखें.
4. सूखी और खराब पत्तियों को तुरंत हटा दें.
5. पौधे की नियमित देखभाल करें ताकि वह हमेशा हरा-भरा रहे.
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