Guru Gobind Singh Jayanti 2019: कौन थे गुरु गोबिंद सिंह, किन 5 चीजों को बनाया सिखों की शान?

Guru Gobind Singh Jayanti 2019:  आज सिखों के गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती है. आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ अहम बातें....

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गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2019 गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2019

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 3:39 PM IST

Guru Gobind Singh Jayanti 2019: लोहड़ी के पर्व के साथ आज  गुरु गोबिंद सिंह जी की 352वीं जयंती भी है. गुरु गोबिंद सिंह जी सिखों के 10वें गुरु थे. उनका जन्म पटना के साहिब में हुआ था. साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. यह सिखों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है. गुरु गोबिंद सिंह ने ही गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरु घोषित किया था. कहा जाता है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा करते हुए और सच्चाई की राह पर चलते हुए ही गुजार दिया था. गुरु गोबिंद सिंह का उदाहरण और शिक्षाएं आज भी लोगों को प्रेरित करता है.

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कौन थे गुरु गोबिंद सिंह?

कहा जाता है कि गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंत की रक्षा के लिए कई बार मुगलों का सामना किया था. सिखों के लिए 5 चीजें- बाल, कड़ा, कच्छा, कृपाण और कंघा धारण करने का आदेश गुरु गोबिंद सिंह ने ही दिया था. इन चीजों को 'पांच ककार' कहा जाता है, जिन्हें धारण करना सभी के लिए अनिवार्य होता है.

गुरु गोबिंद सिंह को ज्ञान, सैन्य क्षमता आदि के लिए जाना जाता है. गुरु गोबिंद सिंह ने संस्कृत, फारसी, पंजाबी और अरबी भाषाएं भी सीखीं थी. साथ ही उन्होंने धनुष-बाण, तलवार, भाला चलाने की कला भी सीखी.

गुरु गोबिंद सिंह एक लेखक भी थे, उन्होंने स्वयं कई ग्रंथों की रचना की थी. उन्हें विद्वानों का संरक्षक माना जाता था. कहा जाता है कि उनके में हमेशा 52 कवियों और लेखकों की उपस्थिति रहती थी. इस लिए उन्हें 'संत सिपाही' भी कहा जाता था.  

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कैसे मनाई जाती है गुरु गोबिंद सिंह जयंती-

सिख धर्म के लोग गुरु गोबिंद सिंह को बहुत धूम-धाम से मनाते हैं. इस दिन घरों और गुरुद्वारों में कीर्तन होता है. खालसा पंत की झांकियां निकाली जाती हैं. इस दिन खासतौर पर लंगर का आयोजन किया जाता है.

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