Weekend Vrat Tyohar 2026: संडे को दिवाली! 2026 में शनिवार-रविवार की छुट्टी में आएंगे ये 10 बड़े व्रत-त्योहार

Weekend Vrat Tyohar 2026: नए साल 2026 में कई सारे त्योहार वीकेंड पर आने वाले हैं. दिवाली जैसा बड़ा त्योहार भी इस बार रविवार के दिन पड़ रहा है. आइए जानते हैं कि 2026 में और कौन कौन से त्योहार शनिवार-रविवार की छुट्टी पर पड़ रहे हैं.

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शनिवार या रविवार को पड़ने वाले पर्व लोगों के उत्साह को दोगुना कर देते हैं. (Photo: Pexels) शनिवार या रविवार को पड़ने वाले पर्व लोगों के उत्साह को दोगुना कर देते हैं. (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:53 PM IST

Weekend Vrat Tyohar 2026: जब कोई बड़ा त्योहार वीकेंड (शनिवार-रविवार) पर पड़ जाए तो यह सोने पर सुहागा जैसा लगता है. शनिवार या रविवार को पड़ने वाले पर्व लोगों के उत्साह को दोगुना कर देते हैं. दफ्तर और कामकाज की चिंता से मुक्त होकर लोग पूरे उत्साह के साथ त्योहार मना पाते हैं. ऐसे में बाजारों की रौनक और बढ़ जाती है. खरीदारी और घर की सजावट के लिए भरपूर समय मिलता है. आइए जानते हैं कि साल 2026 में कौन-कौन से बड़े व्रत-त्योहार वीकेंड पर आने वाले हैं.

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मौनी अमावस्या- रविवार, 18 जनवरी
मौनी अमावस्या को स्नान, दान और मौन साधना का विशेष दिन माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन पर पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाने से पापों का नाश होता है. आत्मसंयम, ध्यान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह दिन अत्यंत पुण्यकारी समझा जाता है.

देवशयनी एकादशी- शनिवार, 25 जुलाई
आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं. इस अवधि में मांगलिक कार्य स्थगित रहते हैं और सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में चला जाता है.

हरियाली तीज- शनिवार, 15 अगस्त
हरियाली तीज सावन में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है. यह शिव-पार्वती की आराधना को समर्पित होता है. इस दिन महिलाएं व्रत रखकर वैवाहिक जीवन में सुख, प्रेम और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं.

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दही हांडी- शनिवार, 5 सितंबर
दही हांडी का त्योहार श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को समर्पित पर्व है. जैसे भगवान कृष्ण माखन चुराने के लिए मटकी फोड़ा करते थे. ठीक वैसे ही इस दिन गोपालाओं की टोली ऊंचे स्थान पर टंगी दही हांडी को फोड़ती है. यह उत्सव साहस, एकजुटता और उल्लास का प्रतीक माना जाता है.

पितृपक्ष आरंभ- शनिवार, 26 सितंबर
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक पितृपक्ष रहता है. 16 दिन की इस अवधि में पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण किए जाते हैं. ऐसा कहते हैं कि इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और हम पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है. साल 2026 में पितृपक्ष 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा.

शारदीय नवरात्र आरंभ- रविवार, 11 अक्टूबर
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्र शुरू होते हैं. इन पवित्र नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का विधान है. इस दौरान भक्त व्रत, साधना और उपासना से आदिशक्ति की आराधना करते हैं. अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन के साथ नवरात्र समाप्त हो जाते हैं.

अहोई अष्टमी- रविवार, 1 नवंबर
अहोई अष्टमी का व्रत माताएं संतान की लंबी उम्र और मंगलकामनाओं के लिए रखती हैं. इस दिन अहोई माता की विधिवत पूजा होती है. यह व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण अष्टमी को रखा जाता है.

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छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी)- शनिवार, 7 नवंबर
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है, जिसे छोटी दिवाली भी कहते हैं. इस दिन यमराज की पूजा होती है और दीपदान किया जाता है. मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और दीपदान करने से स्वास्थ्य बेहतर होता है और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है.

दिवाली- रविवार, 8 नवंबर
दीपावली कार्तिक अमावस्या को मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है. इस दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा कर धनधान्य और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है. कहते हैं कि कार्तिक अमावस्या की रात देवी लक्ष्मी का घर में वास होता है. और वो अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं.

देवउठनी एकादशी- शनिवार, 21 नवंबर
कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवउठनी एकादशी कहते हैं. इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं. इस एकादशी के साथ ही चातुर्मास समाप्त हो जाता है और विवाह सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्य पुनः आरंभ हो जाते हैं.

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