Padmini Ekadashi 2026: 27 मई को पड़ने वाली पद्मिनी एकादशी बेहद दुर्लभ और पुण्यदायी मानी जाती है. यह एकादशी पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) में आती है, जो लगभग 3 साल में एक बार ही पड़ता है. इसी वजह से इसका महत्व सामान्य एकादशी से कहीं अधिक होता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है और जीवन के कई बड़े कष्ट दूर हो सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि अधिकमास पद्मिनी एकादशी किन राशियों के लिए लाभकारी रहने वाली है.
किन राशियों को मिलेगा लाभ
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय नेटवर्किंग और नए अवसरों का है. यदि आप व्यापार करते हैं तो नए क्लाइंट या पार्टनर मिल सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो आगे चलकर प्रमोशन का रास्ता खोलेंगी. अटके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं.
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए यह एकादशी आर्थिक सुधार लेकर आ सकती है. पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है. व्यापार में स्थिरता और ग्रोथ आएगी. अगर आप लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, तो अब उसके सकारात्मक परिणाम मिलने शुरू हो सकते हैं.
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ मिलने का है. अचानक धन लाभ या कोई बड़ा अवसर मिल सकता है. करियर में नई दिशा मिल सकती है, खासकर जो लोग बदलाव की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल है. रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग भी बनते हैं.
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए पद्मिनी एकादशी मानसिक शांति और आर्थिक मजबूती दोनों दे सकती है. व्यापार में नए आइडिया सफल हो सकते हैं. नौकरी में प्रशंसा और पहचान मिलने के योग हैं. साथ ही, धन से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे खत्म हो सकती हैं.
पद्मिनी एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने से 100 यज्ञ और तप करने के बराबर फल मिलता है. यह एकादशी न सिर्फ वर्तमान जीवन बल्कि पिछले जन्मों के पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी गई है. जो लोग सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण करते हैं, उनके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है.
व्रत और कथा का महत्व
इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ पद्मिनी एकादशी की कथा सुनना या पढ़ना अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे मानसिक शांति मिलती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं.
क्यों है खास ये एकादशी
पद्मिनी एकादशी को पुरुषोत्तम मास की सबसे श्रेष्ठ एकादशी कहा गया है. इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह दिन भक्ति, तप और दान के जरिए जीवन को बेहतर बनाने का सुनहरा अवसर देता है.
aajtak.in