Guru Gobind Jayanti 2021: गुरु गोबिंद सिंह की ये 5 खास चीजें, आज भी इस गुरुद्वारे में हैं मौजूद

आज गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती मनाई जा रही है. आज के दिन गुरुद्वारों की साज-सजावट की जाती है और कीर्तन दरबार लगता है. इस दिन को लोग प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाते हैं. गुरु गोविंद सिंह जी के त्याग और वीरता की मिसाल आज भी दी जाती है. गुरु गोविंद सिंह जी ने 699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी.

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आज गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती मनाई जा रही है आज गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती मनाई जा रही है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 8:35 AM IST
  • गोबिंद सिंह जयंती आज
  • सिखों के 10वें गुरु थे गोबिंद सिंह जी
  • खालसा पंथ की स्थापना की थी

आज गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती है. सिख धर्म के लोग गुरु गोबिंद सिंह जयंती को बहुत धूम-धाम से मनाते हैं. इस दिन घरों और गुरुद्वारों में कीर्तन होता है. खालसा पंत की झांकियां निकाली जाती हैं. इस दिन खासतौर पर लंगर का आयोजन किया जाता है. गुरु गोबिंद को ज्ञान, सैन्य क्षमता और दूरदृष्टि का सम्मिश्रण माना जाता है. गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा और सच्चाई के लिए समर्पित कर दिया था.   

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सिखों के 10वें गुरु- गुरु गोबिंद सिंह जी सिखों के 10वें गुरु थे. उनका जन्म पटना साहिब में हुआ था. साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. यह सिखों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है. गुरु गोबिंद सिंह ने ही गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरु घोषित किया था. गुरु गोबिंद सिंह का उदाहरण और शिक्षाएं आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं. गुरु गोविंद सिंह ने जीवन जीने के पांच सिद्धांत दिए, जिन्हें पंच ककार कहा जाता है. सिखों में इन पांच चीजों का अनिवार्य माना जाता है. ये पांच चीजें हैं- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा.

पटना साहिब में उमड़ती है भीड़- बिहार के पटना साहिब गुरुद्वारा में संगतों की भारी भीड़ उमड़ती है. इस गुरुद्वारें में वो सभी चीजें मौजूद हैं जो जिसका इस्तेमाल गुरु गोविंद सिंह जी करते थे. यहां गुरु गोविंद की छोटी कृपाण भी मौजूद है जिसे वो हमेशा अपने पास रखते थे. इसके अलावा यहां गुरु गोंविद जी की खड़ाऊ और कंघा भी रखा हुआ है. यहां वो कुआं भी अब तक मौजूद है जिसका इस्तेमाल गुरु गोविंद सिंह जी की मां पानी भरने के लिए करती थीं.

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