अनंत चतुर्दशी आज, जानें इस दिन सूत्र में क्यों बांधी जाती हैं 14 गांठें

अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. इस व्रत को अनंत फल देने वाला माना जाता है. अनंत चतुर्दशी पर गणेश जी का विसर्जन भी बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन गणेश जी का विसर्जन करने से पुण्य फल मिलता है.

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अनंत चतुर्दशी आज अनंत चतुर्दशी आज

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:19 AM IST
  • अनंत चतुर्दशी पर होती है विष्णु भगवान की पूजा
  • इस दिन होता है गणेश विसर्जन
  • महाभारत काल में हुई थी इस व्रत की शुरुआत

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है. अनंत चतुर्दशी को अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन मोक्ष की प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और अनंत चतुर्दशी का व्रत भी रखा जाता है. इस दिन दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन होता है. माना जाता है कि महाभारत काल में इस व्रत की शुरुआत हुई थी. जब पांडवों का राज्य छीन लिया गया था तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें ये व्रत करने की सलाह दी थी.

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अनंत चतुर्दशी की महिमा

मान्यता है कि इस व्रत को 14 सालों तक लगातार करने पर विष्णु लोक की प्राप्ति होती है. इस व्रत में नमक का सेवन नहीं करते हैं. व्रत के पारायण में मीठी चीजें जैसे सेवई या खीर खाते हैं. इस दिन गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करने से जीवन की तमाम विपत्तियों से मुक्ति मिलती है. बंधन का प्रतीक सूत्र हाथ में बाँधा जाता है तथा व्रत के पारायण के समय इसको खोल दिया जाता है. अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत रूपों की पूजा होती है. इस दिन अनंत सूत्र भी बांधा जाता है. कहते हैं जो लोग इसे अपनी कलाई पर बांधते हैं उन्हें सौभाग्य ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है.

 

14 गांठें भगवान श्री हरि के 14 लोकों की प्रतीक

इस व्रत में सूत या रेशम के धागे को कुमकुम से रंगकर उसमें चौदह गांठे लगाई जाती हैं. इसके बाद उसे विधि-विधान से पूजा के बाद कलाई पर बांधा जाता है. कलाई पर बांधे गए इस धागे को ही अनंत कहा जाता है. भगवान विष्णु का रूप माने जाने वाले इस धागे को रक्षासूत्र भी कहा जाता है. ये 14 गांठे भगवान श्री हरि के 14 लोकों की प्रतीक मानी गई हैं. यह अनंत धागा भगवान विष्णु को प्रसन्न करने वाला और अनंत फल देने वाला होता है. अनंत चतुर्दशी पर गणेश जी का विसर्जन शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन गणेश जी का विसर्जन करने से पुण्य फल मिलता है.

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गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

सुबह का मुहूर्त: सुबह 09:10 बजे से दोपहर 01:56 बजे तक

दोपहर का मुहूर्त: दोपहर 15:32 बजे से सांय 17:07 बजे तक

शाम का मुहूर्त: शाम 20:07 बजे से 21:32 बजे तक

रात्रिकाल मुहूर्त: रात्रि 22:56 बजे से सुबह 03:10 बजे तक
 

 

 

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