2017 में पहनी थी वर्दी, अब तिरंगे में लिपटकर घर लौटा मुंडावर का लाल, 4 साल के मासूम ने दी मुखाग्नि

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर क्षेत्र में उस समय हर आंख नम हो गई, जब श्रीनगर के गुलमर्ग में वीरगति को प्राप्त हुए भारतीय सेना के जवान नितेश कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रामसिंहपुरा पहुंचा.

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मुंडावर के लाल नितेश कुमार श्रीनगर में शहीद.(Photo:ITG) मुंडावर के लाल नितेश कुमार श्रीनगर में शहीद.(Photo:ITG)

हिमांशु शर्मा

  • खैरथल तिजारा,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

राजस्थान के खैरथल तिजारा जिले के मुंडावर का नितेश जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में देश सेवा करते हुए शहीद हो गया. मुंडावर क्षेत्र के ग्राम रामसिंहपुरा निवासी वीर शहीद नितेश कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार को उसके गांव पहुचा.

जैसे ही पैतृक गांव में पार्थिक शरीर पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल हो गया. शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और युवाओं की भीड़ उमड़ी. हर किसी की आंख नम थी.गांव में माहौल देशभक्ति के नारों से गूंज उठा.

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नितेश साल 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे. 2021 में उनकी शादी हुई और उनका 4 साल का बेटा है. नितेश के दो भाई हैं. एक भाई विजय कुमार भी सेना में तैनात हैं. जबकि दूसरे भाई विक्रम कुमार खेती बाड़ी करते हैं. पिता अभय सिंह पूर्व सैनिक हैं.

8 मार्च को नितेश श्रीनगर के गुलमर्ग में ट्रांजिट कैंप में तैनात थे. शाम के समय उनकी यूनिट के मेजर ने फोन करके बताया कि गुलमर्ग की चढ़ाई के दौरान नितेश का पैर फिसल गया और उनकी छाती पर गंभीर चोट आई.

इस दौरान जवानों ने उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती करवाया. जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. नितेश का शव बीते मंगलवार को उनके पैतृक गांव में पहुंचा.

शहीद के सम्मान में क्षेत्र के युवाओं ने बाइक रैली तिरंगा निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. रैली के दौरान 'भारत माता की जय' और 'शहीद नितेश कुमार अमर रहें' के नारों से पूरा इलाका गूंजता रहा.

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लोगों ने तिरंगे के साथ शहीद को अंतिम सलामी दी और उनके बलिदान को नमन किया. क्षेत्रीय विधायक ललित यादव ने शहीद नितेश कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया, उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव राष्ट्र को गौरवान्वित करता रहेगा.

उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की.

परिवार ने बताया कि सात साल पहले नितेश सेना में भर्ती हुआ था और देश सेवा में पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे. नितेश का चार साल के मासूम बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी. यह दृश्य देखकर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं.

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