जयपुर से गिरफ्तार महिला जैश कमांडर से करना चाहती थी निकाह, PAK जाने के लिए बनाया ये प्लान

जयपुर की 38 वर्षीय महिला बबिता धाकड़ उर्फ खदीजा को ATS ने UAPA के तहत गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि वह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक कथित कमांडर से निकाह करने के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रही थी.

Advertisement
बबिता धाकड़ कई हफ्ते से सैन्य खुफिया एजेंसियों की निगरानी में थी. (Photo- Social Media/ITG) बबिता धाकड़ कई हफ्ते से सैन्य खुफिया एजेंसियों की निगरानी में थी. (Photo- Social Media/ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:33 PM IST

राजस्थान की राजधानी जयपुर से गिरफ्तार 38 वर्षीय महिला बबिता धाकड़ उर्फ खदीजा के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार, महिला आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक कथित कमांडर से निकाह करने के लिए नेपाल के रास्ते पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रही थी. महिला को राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने गिरफ्तार कर UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

Advertisement

अधिकारियों के मुताबिक, बबिता धाकड़ कई हफ्ते से सैन्य खुफिया एजेंसियों की निगरानी में थी. उसे रविवार को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल 27 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है. जांच में सामने आया है कि महिला सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित कई संदिग्ध लोगों के संपर्क में आई थी. 

फॉरेंसिक जांच में उसके मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई पाकिस्तानी नंबर मिले हैं. इनमें जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के करीबी रिश्तेदार यूसुफ अजहर और भारत में वांछित कारी जरार से जुड़े नंबर भी शामिल बताए जा रहे हैं.

पुलिस के अनुसार, महिला ने पूछताछ में बताया कि 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद उसने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से जुड़े पेज देखना शुरू किया. इसी दौरान उसकी पहचान कई ऐसे लोगों से हुई जो कट्टरपंथी और आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए थे.

Advertisement

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जांच एजेंसियों का कहना है कि महिला की दोस्ती 'अबू उबैदा' नामक एक व्यक्ति से हुई, जिसने उससे लगातार संपर्क बनाए रखा. महिला ने दावा किया कि दोनों के बीच भावनात्मक संबंध बन गए थे और अबू उबैदा उससे निकाह करना चाहता था. उसने महिला को इस्लाम की शिक्षा लेने, नमाज पढ़ने और कुरान का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया. आरोप है कि ऑनलाइन माध्यम से उसका धर्म परिवर्तन भी कराया गया.

एफआईआर के मुताबिक, महिला को पाकिस्तान बुलाकर जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने का प्रस्ताव दिया गया था. इसके लिए उसे पासपोर्ट बनवाने और नेपाल, सऊदी अरब या संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते पाकिस्तान पहुंचने की योजना बताई गई थी. यात्रा खर्च के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए धन उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई थी.

जांच में यह भी सामने आया है कि महिला ने अपने भारतीय मोबाइल नंबरों पर आए ओटीपी (OTP) पाकिस्तान स्थित हैंडलरों को साझा किए थे, जिससे उन नंबरों का इस्तेमाल सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर किया जा सके. उसके मोबाइल से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित चैट, वीडियो और संपर्क विवरण भी बरामद किए गए हैं.

सूत्रों के अनुसार, महिला ने इंटरनेट पर विस्फोटक बनाने के तरीकों की भी खोज की थी. हालांकि, पुलिस का कहना है कि मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही इन सभी दावों की पुष्टि हो सकेगी. अधिकारियों के मुताबिक, बबिता पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की है. उसकी शादी वर्ष 2018 में हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही पति से अलगाव हो गया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »