जयपुर: फर्जी M.Tech डिग्री से सरकारी नौकरी पाने वाला JE गिरफ्तार, SOG की बड़ी कार्रवाई

राजस्थान में फर्जी डिग्रियों के जरिए सरकारी नौकरियां हासिल करने वाले नेटवर्क पर SOG ने बड़ी कार्रवाई की है. इस बार जलदाय विभाग का एक जूनियर इंजीनियर फर्जी M.Tech डिग्री के आधार पर नौकरी पाने और अनुभव प्रमाण पत्र हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार हुआ है. जांच में डिग्री पूरी तरह फर्जी पाई गई है.

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2018-19 भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है मामला.(Photo: Representational) 2018-19 भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है मामला.(Photo: Representational)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

राजस्थान में फर्जी डिग्रियों के सहारे सरकारी नौकरियों में घुसपैठ करने वाले मामलों पर शिकंजा कसते हुए स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. इस बार जलदाय विभाग में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर को फर्जी M.Tech डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

दरअसल, एसओजी की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने न केवल भर्ती प्रक्रिया में फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया, बल्कि उसी के आधार पर अनुभव प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिया. मामले के सामने आने के बाद विभागीय और जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है.

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2018-19 भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा मामला

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2018-19 में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे. इसी भर्ती में उदयपुर जिले के भीण्डर निवासी दुर्गाशंकर मेनारिया ने आवेदन किया था.

आरोपी ने अपने आवेदन के साथ हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय से प्राप्त बताई गई M.Tech (इलेक्ट्रिकल पावर सिस्टम) की डिग्री भी अपलोड की थी. लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद उसका चयन हो गया, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान मामला संदिग्ध पाया गया.

प्राविधिक शिक्षा निदेशालय, जोधपुर द्वारा विश्वविद्यालय से सत्यापन कराने पर बड़ा खुलासा हुआ. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि आरोपी के नाम पर ऐसी कोई डिग्री जारी ही नहीं की गई थी. इसके बाद डिग्री को पूरी तरह फर्जी और कूटरचित घोषित किया गया.

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अतिरिक्त योग्यता के लालच में फंसा आरोपी

जांच में यह भी सामने आया कि जिस पद के लिए आरोपी ने आवेदन किया था, उसके लिए M.Tech डिग्री अनिवार्य नहीं थी. केवल स्नातक योग्यता ही पर्याप्त थी.

इसके बावजूद आरोपी ने खुद को अधिक योग्य दिखाने और चयन में लाभ पाने के लिए फर्जी M.Tech डिग्री आवेदन में जोड़ दी. यही अतिरिक्त योग्यता उसके लिए अब कानूनी संकट बन गई है.

अधिकारियों के अनुसार, इसी फर्जी डिग्री के आधार पर उसने अपने करियर को आगे बढ़ाया और सरकारी नौकरी तक पहुंच बनाने में सफलता पाई.

अनुभव प्रमाण पत्र भी फर्जी डिग्री के आधार पर

एसओजी की पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्तमान में जलदाय विभाग, भीण्डर में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है. इसके अलावा उसने सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा स्थित माधव विश्वविद्यालय में वर्ष 2015 से 2020 तक सहायक तकनीकी अधिकारी के रूप में काम किया.

इसी दौरान उसने कथित फर्जी M.Tech डिग्री के आधार पर अनुभव प्रमाण पत्र भी हासिल किया. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस डिग्री का इस्तेमाल अन्य स्थानों पर भी किया गया है या नहीं.

एसओजी ने आरोपी को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है. उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.

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फर्जी डिग्री नेटवर्क की जांच तेज

एसओजी अब इस पूरे मामले को फर्जी डिग्री नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह भी सक्रिय हो सकता है.

जांच टीम अब यह भी खंगाल रही है कि किन-किन संस्थानों और व्यक्तियों की मिलीभगत से ऐसी डिग्रियां तैयार की गईं. साथ ही अन्य संदिग्ध मामलों की भी पड़ताल की जा रही है.

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