प्रेमिका से नहीं हुई बात तो पत्नी के गहने गिरवी रखकर खरीदी पिस्टल, आरोपी ने पति-पत्नी की गोली मार की हत्या

जयपुर में पति-पत्नी की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस पूछताछ में प्रेम-प्रसंग की बात सामने आई है. आरोपी मोनू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह आशा से बातचीत में बाधा बन रहे पति राजाराम को ही मारना चाहता था और उसको मारने के लिए ही पिस्तौल खरीदकर लाया था.

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आरोपी मौनू. आरोपी मौनू.

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 27 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:47 PM IST

जयपुर में पति-पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस पूछताछ में प्रेम-प्रसंग की बात सामने आई है. हत्यारे का महिला से अफेयर चल रहा था, लेकिन पिछले कुछ वक्त से महिला ने बात करना बंद कर दिया तो वह नाराज हो गया. प्रेम-प्रसंग में महिला का पति उसके लिए परेशानी बन गया था. ऐसे में बातचीत करने आरोपी महिला के घर गया और विवाद होने पर गोली मारकर हत्या कर दी.

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डीसीपी साउथ दिगंत आनंद ने बताया कि डबल मर्डर के मामले में आरोपी मोनू उपाध्याय को अरेस्ट किया है. वह जयपुर के पास जोतडावाला के सायर नगर-ए में पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए पर रहता है और जोतडावाला गांव में एक्सपोर्ट गारमेंट कंपनी में काम करता है. आरोपी मोनू 24 जनवरी को जोतडावाला की शांति विहार कॉलोनी में रहने वाली आशा और उसके पति राजाराम की हत्या कर फरार हो गया था. 

पुलिस ने जयपुर से आगरा तक कई जगह दबिश दी और महुवा में बस स्टैंड से मोनू पंडित को दबोच लिया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन की रिमांड पर लिया है.

एक ही फैक्ट्री में करते थे काम

आरोपी मोनू का घर राजाराम-आशा के मकान से करीब आधा किलोमीटर दूर है. आरोपी मोनू और मृतका आशा एक ही फैक्ट्री में काम करते थे. फैक्ट्री में साथ काम करने के दौरान मोनू ने आशा से नजदीकियां बढ़ा ली थी और बातचीत के दौरान आशा से मोनू ने दोस्ती कर ली. 6 महीने पहले मोनू ने बातचीत के लिए आशा को एक मोबाइल भी दिया था. आशा के पास मोबाइल मिलने पर पति राजाराम ने मोनू से बात करने से मना कर दिया. इसके बाद आशा ने मोनू से बात करना बंद कर दिया और फैक्ट्री जाना भी बंद कर दिया. आशा से बात करने की फिराक में मोनू विचलित होकर घूमने लगा.

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'50 हजार रुपये में खरीदी देसी पिस्तौल'

प्रेमिका से बात नहीं होने के कारण मोनू ने उसके पति राजाराम को रास्ते से हटाने की ठान ली. आरोपी मोनू ने घर से गहने निकालकर गिरवी रखकर रुपयों की व्यवस्था की और फिर धौलपुर के बसेड़ी से 50 हजार रुपये में देसी पिस्तौल खरीद कर ली. इसके बाद 23 जनवरी की देर शाम फैक्ट्री में साथ काम करने वाले प्रदीप को मोनू पंडित ने वीडियो कॉल किया और उसे पिस्तौल दिखाई. साथ ही कहा कि राजाराम की पत्नी आशा मेरे से बात नहीं करेगी तो मैं राजाराम को जान से मार दूंगा. राजाराम का भाई आशाराम भी इसी फैक्ट्री में काम करता है और अगले दिन सुबह फैक्ट्री में काम के दौरान आशाराम को प्रदीप मिला था. प्रदीप ने वीडियो कॉल पर मोनू से हुई बात के बारे में आशाराम को बताया, लेकिन उससे पहले ही मोनू घर में घुसकर राजाराम और आशा की हत्या कर फरार हो गया.

वहीं, आरोपी मोनू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह आशा से बातचीत में बाधा बन रहे पति राजाराम को ही मारना चाहता था और उसको मारने के लिए ही पिस्तौल खरीदकर लाया था. लेकिन घर में घुसकर आशा से बातचीत नहीं करने को लेकर राजाराम को गाली-गलौच की और उसके बाद पिस्तौल निकालकर राजाराम की कनपटी पर गोली मार दी. राजाराम को जमीन पर गिरते देखकर आशा रोने लगी, लेकिन उसे डरा लगा की आशा उसको पकड़वा देगी, इस कारण उसको भी गोली मार कर फरार हो गया.

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