एक्सीडेंट का मरीज लाए थे, बाहर आग से मची भगदड़ में चली गई जान, अस्पताल प्रशासन अग्निकांड का पीड़ित मानने को तैयार नहीं

जयपुर के SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने से सात मरीजों की मौत हो गई, जबकि अस्पताल के बाहर एक्सीडेंट में घायल दिगंबर वर्मा की जान चली गई. आग शॉर्ट सर्किट से लगी बताई जा रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जांच के आदेश दिए हैं.

Advertisement
ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है. (Photo- Screengrab) ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है. (Photo- Screengrab)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 06 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 9:29 AM IST

जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार की रात अफरातफरी का मंजर था. चारों तरफ धुआं, चिल्लाहट और भगदड़ - कोई अपनी जान बचाने के लिए दौड़ रहा था तो कोई किसी अपने को खींचता हुआ बाहर लाने की कोशिश कर रहा था. उसी अफरातफरी में, सवाईमाधोपुर के बौली से आया एक एक्सीडेंट का मरीज दिगंबर वर्मा अपनी आखिरी सांस अस्पताल के बाहर ले रहा था.

Advertisement

दिगंबर एक्सीडेंट केस में घायल थे और उन्हें ट्रॉमा सेंटर लाया गया था लेकिन किसे पता था कि जिस जगह इलाज के लिए आए हैं, वहीं मौत उनका इंतजार कर रही होगी. अंदर आग लगी थी, बाहर भगदड़ मची थी. धुएं और डर के बीच लोग अपने परिजनों को लेकर भाग रहे थे, और दिगंबर वहीं बाहर, इलाज की आस में दम तोड़ गए.

यह भी पढ़ें: जयपुर के SMS अस्पताल के ICU में आग, कई मरीजों की मौत; देखें मौके से रिपोर्ट

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दिगंबर वर्मा की मौत अस्पताल के बाहर हुई, इसलिए उन्हें "अग्निकांड के मृतकों" में शामिल नहीं किया जा सकता. ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुरा धाकड़ बताते हैं कि आग न्यूरो आईसीयू के पास स्टोरेज एरिया में लगी थी. वहां 11 मरीज भर्ती थे. शॉर्ट सर्किट को आग की वजह बताया गया है. आग इतनी तेजी से फैली कि सब कुछ धुएं में समा गया. उपकरण, फाइलें, सैंपल सभी जल गए.

Advertisement

दो घंटे में दमकल ने आग पर पाया काबू

वार्ड बॉय विकास उस वक्त ड्यूटी पर था. उन्होंने बताया, "हम ऑपरेशन थिएटर में थे. जैसे ही खबर मिली, हम दौड़ पड़े. तीन-चार मरीजों को बाहर निकाला. फिर आग इतनी बढ़ गई कि जाना नामुमकिन हो गया." करीब दो घंटे बाद दमकल ने आग पर काबू पाया. फायरकर्मियों ने बिल्डिंग की पिछली खिड़कियां तोड़कर आग बुझाई लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, और सात मरीजों ने दम तोड़ दिया था. बताया जा रहा है कि वे क्रिटिकल थे.

यह भी पढ़ें: रात 11 बजे धुआं निकलना शुरू हुआ, मरीजों को बेड सहित लेकर भागे तीमारदार, जयपुर अग्निकांड में 7 मौतें

सीएम भजनलाल शर्मा ने अस्पताल का दौरा किया

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेधम रात में ही अस्पताल पहुंचे. मरीजों के परिजन फूट-फूटकर रो रहे थे. किसी ने आरोप लगाया कि आग लगने पर स्टाफ भाग गया, किसी ने कहा कि "हमारे अपने कहां हैं, कोई बताने को तैयार नहीं."

मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और पीड़ित परिवारों से बात की और जांच का भरोसा दिया. प्रशासन ने तकनीकी टीम गठित कर दी है ताकि पता लगाया जा सके कि आग कैसे लगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »