राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में प्रसूता की मौत का एक दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां नॉर्मल डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने से एक महिला की जान चली गई. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. इस मौत के साथ जिले में मातृ मृत्यु का आंकड़ा बढ़कर छह पहुंच गया है.
जानकारी के मुताबिक, महिला को प्रसव पीड़ा होने पर गंगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया था. देर रात करीब 12 बजे महिला की सामान्य डिलीवरी हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया. परिवार को उम्मीद थी कि मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी.
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परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के तुरंत बाद महिला को तेज रक्तस्राव शुरू हो गया. उनका कहना है कि अगर समय रहते डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उचित इलाज किया होता और रक्तस्राव पर नियंत्रण पा लिया होता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी.
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों का कहना है कि महिला लगातार खून बहने की शिकायत से जूझ रही थी, लेकिन अस्पताल में मौजूद मेडिकल स्टाफ ने समय पर जरूरी कदम नहीं उठाए. हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे बांसवाड़ा रेफर किया गया.
परिवार का आरोप है कि इलाज में हुई देरी महिला की मौत की बड़ी वजह बनी. उनका कहना है कि समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती तो यह हादसा टल सकता था.
हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी विस्तृत बयान सामने नहीं आया है. वहीं घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
रास्ते में ही चली गई जान
मामले की जानकारी देते हुए एएसआई जय सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गंगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती एक महिला की डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हालत बिगड़ गई थी.
उन्होंने बताया कि महिला को बेहतर इलाज के लिए बांसवाड़ा रेफर किया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी.
पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है. यदि परिजनों की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बढ़ती मातृ मृत्यु पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और प्रसूता महिलाओं को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. नॉर्मल डिलीवरी के बाद होने वाले अत्यधिक रक्तस्राव को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है, जिसमें तत्काल उपचार बेहद जरूरी होता है.
बांसवाड़ा जिले में लगातार सामने आ रहे मातृ मृत्यु के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय लोग बेहतर चिकित्सा व्यवस्था और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.
फिलहाल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अपने-अपने स्तर पर मामले की जानकारी जुटा रहे हैं. अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और महिला की मौत के कारणों पर क्या निष्कर्ष निकलता है.
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