अलवर में उम्र को मात: 95 साल के बुजुर्गों ने लगाई दौड़, कैंसर को हराकर जीत रहे गोल्ड; सात समंदर पार से आए खिलाड़ी

राजस्थान के अलवर से आई यह खबर उम्र को केवल एक नंबर साबित कर रही है. 'युवरानी महिंद्रा कुमारी खेलकूद प्रतियोगिता' ने यह दिखा दिया है कि अगर जज्बा हो, तो 95 साल की उम्र में भी मैदान फतह किया जा सकता है.

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अलवर के रामचंद्र ने 91 साल की उम्र में दिखाया दम.(Photo:Screengrab) अलवर के रामचंद्र ने 91 साल की उम्र में दिखाया दम.(Photo:Screengrab)

हिमांशु शर्मा

  • अलवर ,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:23 PM IST

वैसे तो आपने देश विदेश में कई तरह की प्रतियोगिताएं देखी होगी. लेकिन राजस्थान के अलवर में एक अनोखी प्रतियोगिता चल रही है. जिसकी चर्चा विदेश तक हो रही है. इस प्रतियोगिता में 95 साल तक के बुजुर्ग महिला और पुरुष दौड़ लंबी कूद, वॉक, जवरल थ्रू, लंबी कूद सहित कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं. इसमें कई ऐसे हैं जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित है और 60 से 70 देश में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं. इस में देश के अलावा विदेशों से करीब 400 अलग-अलग आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हुए. दो दिन तक चलने वाली इस प्रतियोगिता अपने आप में खास रहती है.

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अलवर के आर कॉलेज खेल ग्राउंड पर शुक्रवार को युवरानी महिंद्रा कुमारी खेलकूद प्रतियोगिता शुरू हुई है. दो दिन तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में देश-विदेश से 400 खिलाड़ी शामिल हुए हैं. 3 साल की उम्र से लेकर 95 साल की उम्र तक के बुजुर्ग इसमें भाग ले रहे हैं. 

राजस्थान के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंडज़ हिमाचल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, जम्मू कश्मीर, पंजाब, कनाडा, नेपाल सहित देश-विदेश के कोने-कोने से खिलाड़ी या प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पहुंचे हैं. सभी आयु वर्ग की अलग-अलग प्रतियोगिताएं सुबह से चल रही हैं. दौड़, लंबी कूद, भाला फेंक, तस्तरी फेंक व तेज पैदल चलना सहित कई ऐसी प्रतियोगिताएं हैं. जो अलग रोचक होती है. 

यहां आने वाले खिलाड़ियों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था आयोजन समिति की तरफ से की जाती है. समिति की अध्यक्ष जीत कोर ने बताया कि वो लगातार 2001 से इस तरह की गेम आयोजित कर रही हैं.

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हिमाचल उत्तर प्रदेश पंजाब सहित देश के अलग-अलग राज्यों शहरों में वो इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित कर चुकी हैं. प्रतियोगिता में जीतने वाले खिलाड़ी विदेश में होने वाली प्रतियोगिताओं में शामिल होते हैं. देखें VIDEO:- 

कैंसर पीड़ित 10 साल से लगा रहे दौड़
हरियाणा के हिसार से अलवर पहुंचे सतवीर सिंह पूनिया ने बताया कि वो 6 साल से कैंसर बीमारी से पीड़ित है और लगातार 40 सालों से ज्यादा से लगातार खेल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहना चाहिए. युवा पीढ़ी नशे में ग्रस्त हो रही है. वो कुछ चुनिंदा फूड के बदौलत वो जिंदा है और लगातार सुबह-शाम दौड़ लगाते हैं. एशियाई खेल सहित कई अलग-अलग देश-विदेश में होने वाले खेलों में खेल चुके हैं.

चर्चा में रहे बुजुर्ग
91 साल के रामचंद्र ने बताया कि वो 12 देश में दौड़ सहित अलग-अलग प्रतियोगिताओं में शामिल हो चुके हैं. सिर पर साफा और धोती पहनकर रामचंद्र दौड़ लगाते हैं और अलवर के मालाखेड़ा क्षेत्र के गांव के रहने वाले हैं. हरियाणा के भिवानी से अलवर पहुंचे 88 साल के अमर सिंह ने बताया कि उद्देश्य विदेश में दौड़ सहित कई प्रतियोगिता में शामिल हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहना चाहिए.

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कनाडा के खिलाड़ी हुए शामिल
मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हरनेम सिंह ने बताया कि उन्होंने बताया कि वो 60 से ज्यादा देशों में होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं और गोल्ड मेडल जीत चुके हैं. उन्होंने इंडिया का नाम देश-विदेश में रोशन किया है.

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