ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में स्थित DRDA कार्यालय में एक गंभीर प्राइवेसी उल्लंघन का मामला सामने आया है. यहां महिला शौचालय के अंदर कथित रूप से एक छिपा हुआ कैमरा मिलने के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की पुलिस जांच शुरू कर दी गई है. यह घटना गुरुवार सुबह की बताई जा रही है, जब वित्त विभाग की एक कर्मचारी मधुस्मिता सामंतराय ने शौचालय के अंदर एक संदिग्ध डिवाइस देखा. बताया जा रहा है कि यह डिवाइस अचानक शौचालय परिसर में गिर गया था, जिसके बाद इसकी पहचान हुई। इसके बाद उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी.
अधिकारियों को सूचना मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और तुरंत पुलिस को बुलाया गया. पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध डिवाइस को जब्त कर लिया. इसके बाद इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई. पुलिस ने इस घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए जांच तेज कर दी है. अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि यह कैमरा शौचालय जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में कैसे पहुंचा और किसने इसे लगाया.
महिला शौचालय में छिपा कैमरा मिलने से हड़कंप
जांच के दौरान कार्यालय परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय कौन-कौन व्यक्ति उस इलाके में मौजूद था और किसकी गतिविधि संदिग्ध थी. इस मामले में आंतरिक संलिप्तता की संभावना को भी खारिज नहीं किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है.
इसके साथ ही एक डिजिटल फॉरेंसिक टीम को भी जांच में शामिल किया गया है. यह टीम जब्त किए गए कैमरे की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसमें कोई रिकॉर्डिंग थी या डेटा किसी बाहरी डिवाइस पर ट्रांसफर किया गया था या नहीं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है क्योंकि यह गोपनीयता और सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है.
विशेष जांच टीम गठित, मामले की जांच तेज हुई
इधर, तिरतोल के SDPO ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है. उन्होंने बताया कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक तौर पर शौचालय के फर्श पर एक संदिग्ध डिवाइस मिला है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसे किसने और किस उद्देश्य से लगाया था. पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही इस मामले में शामिल लोगों की पहचान कर ली जाएगी. फिलहाल पूरे मामले ने कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था और गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अजय कुमार नाथ