ओडिशा के सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा जिलों में दुखद घटनाओं ने दहशत फैला दी है, जहां दो अलग- अलग अंतिम संस्कार के भोज में परोसा गया भोजन खाने से कुल चार लोगों की मौत हो गई और 17 से अधिक लोग बीमार पड़ गए. प्रारंभिक जांच में संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग को मौत और बीमारी का कारण बताया गया है. स्वास्थ्य अधिकारियों और पुलिस टीमों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है.
दसवीं मे खाना खाते ही उल्टी दस्त
पहली घटना सुंदरगढ़ जिले के हेमगीर ब्लॉक के नुअदिही गांव में दर्ज की गई, जहां एक परिवार ने अंतिम संस्कार के दसवें दिन के उपलक्ष्य में पारंपरिक भोज का आयोजन किया था. कई ग्रामीण इस आयोजन में शामिल हुए और वहां परोसा गया भोजन खाया. भोज के तुरंत बाद, कई लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण महसूस होने लगे. उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए हेमगीर सरकारी अस्पताल ले जाया गया.
जानकारी के अनुसार, इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम दस अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं. डॉक्टरों ने मरीजों द्वारा बताए गए लक्षणों के आधार पर फूड प्वाइजनिंग का संदेह व्यक्त किया है. इस घटना से स्थानीय निवासियों में दहशत और चिंता का माहौल है.
बड़ी संख्या में लोग बीमार
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के अधिकारियों को मिलाकर एक संयुक्त जांच दल का गठन किया है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि भोजन में क्या मिलावट हुई होगी जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए. भोजन के नमूनों को लैब टेस्ट के लिए भी भेजा जाएगा.
दो कार्यक्रमों में 4 की मौत
इसी से संबंधित एक अन्य घटना में, झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर ब्लॉक के अतबीरा-सोनाखैन गांव से एक और दुखद घटना सामने आई है. एक ही अंत्येष्टि भोज में शामिल हुई दो महिलाओं की बाद में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मृत्यु हो गई. मृतकों की पहचान 40 साल की झांसी खाडिया और 60 साल की सुकांती खाडिया के रूप में हुई है. खबरों के अनुसार, दोनों महिलाएं काम के लिए सुंदरगढ़ के नुअदिही गांव गई थीं और उन्होंने अंत्येष्टि भोज में भोजन किया था. गुरुवार को अपने पैतृक गांव लौटने के बाद, उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी.
शुक्रवार को उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि, चिकित्सा उपचार के बावजूद, दोनों महिलाओं ने दम तोड़ दिया. स्वास्थ्य अधिकारी 7 अन्य मरीजों की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं. प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य जांच करने और आगे की जटिलताओं को रोकने के लिए चिकित्सा दल भी तैनात किए गए हैं.
अजय कुमार नाथ