मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा है कि बड़े परिवारों में 'छोटी-मोटी बातें' होती रहती हैं. यह बयान दतिया विधानसभा उपचुनाव 30 जुलाई के लिए सीनियर बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने के बाद मचे हंगामे के बाद आया है.
शनिवार शाम दतिया पहुंचने के बाद, देवड़ा ने मां पीतांबरा मंदिर में पूजा-अर्चना की और स्थानीय बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद खत्म होने की वजह से जरूरी हो गया था. वोटिंग 30 जुलाई को होगी और वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी.
दरअसल, बीजेपी ने शुक्रवार को उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया और राज्य के पूर्व गृह मंत्री मिश्रा को नजरअंदाज कर दिया. इस फैसले के बाद मिश्रा के समर्थकों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया और प्रदर्शनकारियों ने लगभग 12 घंटे तक नेशनल हाईवे-44 को जाम रखा.
इस दौरान आंसू गैस का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारियों को हटाने और कई लोगों को हिरासत में लेने से पहले हुई झड़पों में दतिया के एसपी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राज्य नेतृत्व ने राजनीतिक उथल-पुथल को शांत करने के लिए देवड़ा को दतिया भेजा है.
'सब कुछ सामान्य है, बातें सुलझ जाती हैं'
दतिया में मचे हंगामे के बारे में पूछे जाने पर देवड़ा ने फोन पर एक न्यूज एजेंसी से कहा, "बहुत बड़े परिवार में छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं. वे सुलझ जाती हैं." उन्होंने जोर देकर कहा, "सब कुछ पूरी तरह सामान्य है."
मां पीतांबरा मंदिर की अपनी यात्रा के बारे में उन्होंने कहा, "मैंने सभी की भलाई और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की."
डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्होंने स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात की, जो रविवार से उपचुनाव के लिए प्रचार शुरू करेंगे.
राज्य बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी रविवार को दतिया का दौरा करने वाले हैं, क्योंकि पार्टी उपचुनाव से पहले एकजुट होने की कोशिश कर रही है.
इसी क्रम में मिश्रा ने शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव, खंडेलवाल और बीजेपी के क्षेत्रीय संगठनात्मक महासचिव अजय जामवाल से मुलाकात की.
बाद में बीजेपी ने कहा कि संगठनात्मक मामलों और उपचुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई और जोर देकर कहा कि संगठन सर्वोपरि है और सभी कार्यकर्ता इसके फैसलों के साथ मजबूती से खड़े हैं.
पार्टी ने यह भी कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए इस्तीफे भावनात्मक प्रतिक्रिया थे और उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा, साथ ही कहा कि सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर तिवारी की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रचार करेंगे.
बीजेपी के 'डैमेज कंट्रोल' के बीच कांग्रेस का दांव
कांग्रेस ने शनिवार को उपचुनाव में बीजेपी के आशुतोष तिवारी के खिलाफ पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया.
कैलाश विजयवर्गीय की दोटूक- नहीं बदलेगा उम्मीदवार
राज्य के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बीजेपी उम्मीदवार में किसी भी बदलाव की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में टिकट घोषित होने के बाद उम्मीदवार बदलने की कोई परंपरा नहीं है.
मिश्रा ने कहा कि वह सोमवार को दतिया में नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए तिवारी के साथ जाएंगे.
मिश्रा ने पत्रकारों से कहा, "मैंने उनसे (अपने समर्थकों से) शांत रहने को कहा है. दतिया में हालात सामान्य हो रहे हैं."
इस बीच, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली विपक्षी पार्टी शिवसेना (UBT) ने नरोत्तम मिश्रा को उपचुनाव के लिए टिकट की पेशकश की है.
शिवसेना (UBT) के मध्य प्रदेश प्रमुख सुनील शर्मा ने कहा कि अगर मिश्रा इस पेशकश को स्वीकार करते हैं, तो पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे और अन्य नेता उनके लिए प्रचार करेंगे.
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