कहते हैं कि प्यार न उम्र देखता है और न ही कोई बंधन. मध्यप्रदेश के श्योपुर से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. यहां 60 साल के बुजुर्ग और 60 साल की महिला ने महज 15 से 20 दिनों की पहचान के बाद पहले कोर्ट मैरिज की और फिर सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर एक-दूसरे का जीवनसाथी बनने का फैसला कर लिया.
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के छोटा खेड़ा गांव निवासी घनश्याम मीणा पिछले दिनों रामगढ़ माता मंदिर की परिक्रमा और दर्शन के लिए के लिए गए थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात बारां जिले के मांगरोल क्षेत्र की रहने वाली गौरां बाई मीणा से हुई. मंदिर परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ बैठकर चाय पीते समय दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई. बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और दोनों ने अपने जीवन के सुख-दुख एक-दूसरे से साझा किए.
दरअसल, गौरां बाई के पति का पहले ही निधन हो चुका था. उनके दो बेटे और एक बेटी हैं. वहीं घनश्याम मीणा भी पत्नी के निधन के बाद अकेले जीवन बिता रहे थे. उनके तीन बेटे हैं और सभी की शादी हो चुकी है.
जीवन के इस पड़ाव पर दोनों को एक साथी की जरूरत महसूस हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच आत्मीयता बढ़ी और यह रिश्ता प्यार में बदल गया. करीब 15 से 20 दिनों तक संपर्क में रहने के बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया. दोनों ने पहले कोर्ट मैरिज की. देखें VIDEO:-
इस दौरान गौरां बाई के घर नहीं लौटने पर उनके बेटे ने मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवा दी थी. बाद में पूरे मामले की जानकारी मिलने पर स्थिति स्पष्ट हुई.
सबसे खास बात यह रही कि घनश्याम मीणा के बेटों ने इस रिश्ते का समर्थन किया. बहरहाल यह अनोखी शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सच्चे रिश्ते उम्र के नहीं, बल्कि भावनाओं और आपसी समझ के मोहताज होते हैं
खेमराज दुबे