डिलीवरी एक भी हुई नहीं, बना दिए 250 बर्थ सर्टिफिकेट... MP में स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा

राजगढ़ के रामगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां बिना एक भी डिलीवरी के सैकड़ों जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए. जांच में कई राज्यों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाने का खुलासा हुआ है. पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है.

Advertisement
डिलीवरी एक भी हुई नहीं, बना दिए 250 बर्थ सर्टिफिकेट (Photo: itg) डिलीवरी एक भी हुई नहीं, बना दिए 250 बर्थ सर्टिफिकेट (Photo: itg)

पंकज शर्मा

  • राजगढ़,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:57 AM IST

मध्य प्रदेश में राजगढ़ जिले के रामगढ़ गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. यहां स्वास्थ्य विभाग के कंप्यूटर डाटा एंट्री ऑपरेटर की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए. हैरानी की बात यह है कि फरवरी माह में इस छोटे से स्वास्थ्य केंद्र पर 137 बच्चों का बर्थ रजिस्टर किया गया, जबकि वास्तविकता में वहां एक भी डिलीवरी नहीं हुई थी.

Advertisement

1950 से 1980 तक के भी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

मामले का खुलासा तब हुआ जब ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को इसकी जानकारी मिली. इसके बाद फरवरी में ही संबंधित ऑपरेटर को हटा दिया गया. वहीं, 6 अप्रैल को माचलपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ. जांच में यह भी सामने आया कि केवल एक महीने ही नहीं, बल्कि वर्ष 1950 से 1980 तक के भी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए गए, जबकि उस समय गांव में न स्वास्थ्य केंद्र मौजूद था और न ही वहां डिलीवरी होती थी. 

500 से 1000 रुपये लेकर प्रमाण पत्र बनाए

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के नाम पर भी यहां से प्रमाण पत्र जारी किए गए. कुल मिलाकर 250 से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि में संशोधन कराने के लिए ये फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करते थे. इसके लिए लोकसेवा केंद्र, आधार सेंटर और एमपी ऑनलाइन संचालकों के माध्यम से लोगों को जोड़ा जाता था. प्रति प्रमाण पत्र 500 से 1000 रुपये तक लेकर बिना किसी वैध दस्तावेज के सीआरएस पोर्टल पर एंट्री कर प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते थे.

Advertisement

250 फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर कमाए हजारों

पूछताछ में आरोपियों ने करीब 250 फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर 35 हजार रुपये अवैध रूप से कमाना स्वीकार किया है. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अर्जुन बैरागी समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. एएसपी केएल बंजारे ने बुधवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि 6 अप्रैल को डॉ. सुनील चौरसिया, बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जीरापुर की शिकायत पर थाना माचलपुर में आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 338 और 336(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया.

मेडिकल अधिकारी को लगी जानकारी तो...

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी  रामगढ़ अस्पताल में डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्जुन बैरागी, जिसने फरवरी 2026 में एक भी डिलीवरी न होने के बावजूद 137 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए. कई प्रमाण पत्र बिना आवेदन के, कई पुराने वर्षों के और कई अन्य राज्यों के व्यक्तियों के नाम पर बनाए गए. सीआरएस पोर्टल पर भी फर्जी दस्तावेज स्कैन कर अपलोड किए गए, जिसकी जानकारी संबंधित मेडिकल अधिकारी को नहीं थी.

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ का कंप्यूटर सिस्टम जब्त किया है. साथ ही आमजन से अपील की है कि फर्जी दस्तावेज बनाना या बनवाना गंभीर अपराध है, इसलिए वैध प्रक्रिया का ही पालन करें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »