MP: मरीजों को प्राइवेट लैब में भेजने के बदले 'कमीशन' लेते रंगे हाथों धरे गए 3 सरकारी डॉक्टर

MP के बड़वानी में लोकायुक्त पुलिस ने राजपुर CHC के 3 डॉक्टरों को प्राइवेट पैथोलॉजी लैब से कमीशन लेते पकड़ा. मरीजों को रेफर करने के बदले मांग रहे थे 20% रिश्वत. जानें पूरी खबर...

Advertisement
लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़े तीन कमीशनखोर डॉक्टर.(Photo: Representational) लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़े तीन कमीशनखोर डॉक्टर.(Photo: Representational)

aajtak.in

  • बड़वानी ,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:50 PM IST

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 सरकारी डॉक्टरों को मरीजों से जुड़ी जांच के बदले निजी लैब से कमीशन लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. यह कार्रवाई राजपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात डॉक्टरों के खिलाफ की गई है, जो सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब में भेजने के बदले मोटा कमीशन वसूल रहे थे.

Advertisement

DSP सुनील तालन ने राजपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात इन तीनों अधिकारियों की पहचान डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या साई और डॉ. मनोहर गोदारा के रूप में की. उन्होंने बताया कि इन तीनों को उनके घरों पर ही कमीशन की रकम लेते हुए पकड़ा गया.

पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह कार्रवाई राजपुर स्थित एक निजी पैथोलॉजी लैब के मैनेजर अदनान अली की शिकायत पर बिछाए गए एक जाल के बाद की गई.

शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि ये तीनों डॉक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को जांच के लिए उसकी लैब में भेजने के बदले उससे 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे."

डीएसपी ने बताया कि शाक्य ने पिछले महीने के कमीशन के तौर पर 18 हजार रुपये, साई ने 8 हजार रुपये और गोदारा ने 21 हजार 800 रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में वे कम रकम लेने पर राजी हो गए. उन्होंने आगे बताया कि शाक्य को 8000 रुपये, साई को 5000 रुपये और गोदारा को 12000 रुपये लेते हुए पकड़ा गया.

Advertisement

उन्होंने बताया कि लोकायुक्त पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है, हालांकि अभी तक इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement