मध्य प्रदेश के इंदौर-महू मार्ग स्थित भेरू घाट क्षेत्र में नर्मदा जल प्रदाय परियोजना की एक बड़ी पाइपलाइन फट जाने से लाखों लीटर पानी बर्बाद हो गया. पाइपलाइन फटने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पाइपलाइन अचानक जोरदार धमाके के साथ फटी और पानी का फव्वारा करीब 150 फीट तक ऊपर उछलने लगा. देखते ही देखते पूरा इलाका पानी से भर गया और भेरू घाट में जलप्रलय जैसे हालात बन गए.
घटना के बाद तेज गति से बहता पानी आसपास के रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गया. कई घरों के बाहर और गलियों में पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इस तरह का नजारा नहीं देखा था. पाइपलाइन से निकल रहा पानी इतनी तेज रफ्तार से बह रहा था कि आसपास मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे.
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन फटने के बाद लंबे समय तक पानी लगातार बहता रहा, लेकिन संबंधित विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर समय पर नहीं पहुंचे. लोगों का कहना है कि यदि तत्काल कार्रवाई की जाती तो बड़ी मात्रा में पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सकता था. घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और पूरे घटनाक्रम के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए.
पाइपलाइन की मरम्मत में जुटा विभाग
जानकारी के अनुसार यह पाइपलाइन इंदौर शहर को नर्मदा का पानी उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण लाइन का हिस्सा है. ऐसे में पाइपलाइन फटने से न केवल पानी की भारी बर्बादी हुई है, बल्कि शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है. अधिकारियों को अब पाइपलाइन की मरम्मत और जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
फिलहाल संबंधित विभाग की टीम पाइपलाइन की क्षति का आकलन करने और मरम्मत कार्य में जुटी हुई है. प्रशासन का कहना है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन को दुरुस्त कर जलापूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि घटना के बाद इंदौर के कई क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है और लोगों को जल संकट की आशंका सता रही है.
धर्मेंद्र कुमार शर्मा