मध्य प्रदेश राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के छीपीपुरा गांव में एक महिला के साथ अमानवीय अत्याचार का मामला सामने आया है. शिकायत करने से रोकने के लिए पति ने पत्नी के गले में लोहे की जंजीर डालकर घर के खंभे से बांध दिया और गर्म सरिए से शरीर पर दाग दिया. करीब 24 घंटे तक बंधक रहने के बाद महिला ने पत्थर से ताला तोड़ा और गले में जंजीर लटकाए छह किलोमीटर पैदल चलकर खिलचीपुर थाने पहुंची.
शुक्रवार रात करीब 10 बजे जब महिला थाने पहुंची तो उसकी हालत देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए. महिला के गले में ताला लगी लोहे की जंजीर थी. कमर, कूल्हे और जांघ पर जलने के निशान थे, जबकि पैरों में कांटे चुभे हुए थे. थाने पहुंचते ही महिला फूट-फूटकर रोने लगी और पुलिस को पूरी घटना बताई.
डंडे और थप्पड़ों से पिटाई
पीड़िता मांगीबाई तंवर ने बताया कि 10 जून की शाम उसका पति सरदार सिंह तंवर शराब पीकर घर आया था. खाना खाने के बाद वह गाली-गलौज करने लगा. विरोध करने पर वह बाहर गया और पेड़ की शाखा काटकर डंडा बना लाया. इसके बाद डंडे और थप्पड़ों से उसकी बेरहमी से पिटाई की.
रास्ते में पकड़कर फिर हमला
मारपीट के बाद मांगीबाई उसी रात घर से निकलकर खिलचीपुर थाने जाने के लिए पैदल रवाना हो गई. पूरी रात चलने के बाद वह गुरुवार सुबह खिलचीपुर पहुंची, लेकिन थाने से पहले पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास पति ने उसे पकड़ लिया. महिला का आरोप है कि पति ने वहां भी उसके साथ मारपीट की और जबरन वापस गांव ले गया.
घर पहुंचने के बाद पति ने उसके गले में लोहे की जंजीर डालकर दूसरा सिरा घर के खंभे से बांध दिया और ताला लगा दिया. महिला के अनुसार पति ने कहा, 'अब देखता हूं तू मेरी रिपोर्ट करने थाने कैसे जाती है.'
सरिया गर्म करके दागा
महिला का आरोप है कि इसके बाद पति ने गैस चूल्हे पर लोहे का सरिया गर्म किया और उससे उसकी कमर, कूल्हे तथा दाईं जांघ को कई जगह दाग दिया. दर्द से वह चीखती रही, लेकिन उसकी मदद के लिए कोई नहीं आया.
पीड़िता ने बताया कि उसे करीब 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान उसे न बाहर जाने दिया गया और न किसी से बात करने दी गई. पति गांव में पंचायत बुलाकर उस पर झूठ बोलने और पुलिस में शिकायत नहीं करने का दबाव बना रहा था. महिला ने डर के कारण उसकी बात मानने का नाटक किया, जबकि वह वहां से निकलने का मौका तलाश रही थी.
ताला तोड़कर निकली
गुरुवार शाम जब पति पंचायत के लिए गांव के लोगों को बुलाने गया, तब महिला घर में अकेली थी. इसी दौरान उसकी नजर एक पत्थर पर पड़ी. उसने पत्थर से ताले पर लगातार वार किए और कई कोशिशों के बाद जंजीर का ताला तोड़ दिया. ताला टूटते ही वह घर से निकल गई.
अंधेरा होने के बावजूद महिला गले में जंजीर और ताला लटकाए लगातार पैदल चलती रही. जंगल और सुनसान रास्तों से गुजरते हुए वह करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर रात में खिलचीपुर पहुंची. रास्ते में कांटे चुभे और पैर छिल गए, लेकिन वह नहीं रुकी.
लोगों ने रास्ते में क्या पूछा?
महिला ने बताया कि रास्ते में लोगों ने उसके गले में जंजीर और ताला देखा तो कई लोग उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ समझ बैठे. कोई यह नहीं जान पाया कि वह जंजीर उसकी कैद और यातना की कहानी बयां कर रही थी. इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसकी हालत देखकर उसे खाने के लिए नाश्ता दिया. इसके बाद वह सीधे थाने पहुंची.
पुलिस ने महिला की शिकायत सुनने के बाद उसके गले से जंजीर हटवाई और मेडिकल परीक्षण कराया. जांच में शरीर पर चोट तथा जलाने के निशान पाए गए. इसके बाद पुलिस ने गांव पहुंचकर आरोपी पति सरदार सिंह तंवर को गिरफ्तार कर लिया.
जिस महिला को खंभे से बांधकर उसकी आवाज दबाने की कोशिश की गई, वही महिला गले में जंजीर लटकाए छह किलोमीटर पैदल चलकर थाने पहुंची और अपने लिए न्याय की लड़ाई शुरू कर दी. वही इस पूरे मामले में खिलचीपुर थाना प्रभारी कमल सिंह गहलोत ने बताया कि एक महिला पारिवारिक विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी.
महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पति ने उसके साथ मारपीट की तथा उसके गले में जंजीर बांध दी थी. महिला की शिकायत पर पुलिस ने मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है. आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है.
भोजन हाथ में नहीं दिया इसलिए हुआ नाराज
थाना प्रभारी के अनुसार, घटना एक सामान्य घरेलू विवाद से शुरू हुई थी. पीड़िता ने अपने पति को भोजन बनाकर दिया था, लेकिन भोजन उसके हाथ में नहीं दिया. इसी बात को लेकर पति नाराज हो गया और दोनों के बीच विवाद हो गया. विवाद बढ़ने पर आरोपी ने महिला के साथ मारपीट की.
पंकज शर्मा