6 पैक्स एब्स बनाने, इफेक्टस डालने से आस्था से भरी फिल्में नहीं बनती: अरुण गोविल

e-Sahitya Aaj Tak 2020: रामानंद सागर की रामायण के बाद कई मेकर्स ने रामायण बनाई. लेकिन किसी भी शो को रामानंद सागर जैसे शो की तरह सफलता नहीं मिली. आखिर इसकी क्या वजह रही, अरुण गोविल ने बताया.

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e-Sahitya Aaj Tak 2020: अरुण गोविल e-Sahitya Aaj Tak 2020: अरुण गोविल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2020,
  • अपडेटेड 9:04 PM IST

रामायण की लीड स्टारकास्ट यानि अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और सुनील लहरी e-साहित्य आजतक कार्यक्रम में रामायण शो की सफलता पर बात की. लॉकडाउन में रामानंद सागर की रामायण को टीवी पर खूब देखा जा रहा है. दूरदर्शन के बाद ये शो स्टार प्लस पर टेलीकास्ट हो रही है.

रामानंद सागर की रामायण के बाद कई मेकर्स ने रामायण बनाई. लेकिन किसी भी शो को रामानंद सागर जैसे शो की तरह सफलता नहीं मिली. दूसरी रामायण में एक्टर्स सिक्स पैक्स एब्स में दिखे, नई तकनीक के साथ शो को बनाया गया, फिर भी इन्हें रामानंद सागर की रामायण जितनी सफलता नहीं मिली. आखिर इसकी क्या वजह रही?

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मॉर्डन रामायण पर क्या बोले अरुण गोविल?

इसका जवाब देते हुए अरूण गोविल ने कहा- इसकी सबसे बड़ी वजह ये है जिस भावना, आस्था, श्रद्धा के साथ रामानंद सागर ने रामायण बनाई थी, जितने भी कलाकार इस शो से जुड़े, सभी की श्रद्धा और आस्था काफी ज्यादा थी. इसे देख परमात्मा ने जरूर ये सोचा होगा अगर मेरे में इतनी श्रद्धा है तो इन्हें कुछ देना चाहिए.


सिक्स पैक्स एबस से, 10-20 कैमरों से या तकनीकी इफेक्ट्स से आस्था और श्रद्धा की चीजें नहीं बनतीं. इन सब चीजों के लिए टेक्निकल फिल्म बनाएं. इस तरह की चीजें वहां नहीं चलेंगी जहां श्रद्धा और भाव चाहिए. मन के भाव टेक्नीकल चीजों से नहीं बनते. रामायण के वॉर सीन तब भी अच्छे लगे और आज भी अच्छे लगते हैं. सिर्फ पैसा कमाने के लिए कोई चीज बनाई जाती है वो अलग बात है. लेकिन रामानंद सागर ने ये शो भाव और श्रद्धा के साथ बनाया था.

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