बच्चा निगल गया है सिक्का? मां-बाप तुरंत करें ये काम, वरना बढ़ सकती है मुसीबत, डॉक्टर ने बताया

बच्चे ने सिक्का या मैग्नेट निगल लिया है? घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न बरतें. डॉक्टर की सलाह है कि घर पर कोई भी नुस्खा अपनाने के बजाय सीधे डॉक्टर के पास जाएं.

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बच्चे अक्सर कोई भी चीज उठाकर मुंह में डाल लेते हैं. (Photo: AI Generated) बच्चे अक्सर कोई भी चीज उठाकर मुंह में डाल लेते हैं. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:21 PM IST

What happens if kids swallow coins: छोटे बच्चे अक्सर घर में खेलते-खेलते कोई भी चीज उठाकर खा लेते हैं. कई बार बच्चा अनजाने में सिक्का, मैग्नेट या खिलौने का कोई भी छोटा हिस्सा निगल लेता है और इससे परिवार वालों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं. अधिकतर मामलों में ये चीजें शरीर से बाहर निकल जाती हैं लेकिन कुछ चीजें जैसे बटन बैटरी या मैग्नेट अंदर जाकर बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती हैं. पेरेंट्स अक्सर घबराकर उल्टी कराने या ज्यादा खाना खिलाने जैसी कोशिशें करने लगते हैं जो गलत माना है. डॉक्टर के अनुसार, ऐसी स्थिति में तुरंत सही कदम उठाना ही सबसे बड़ी समझदारी है. यदि आपके घर में भी छोटे बच्चे हैं तो ये खबर जरूर पढ़ें.

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तुरंत डॉक्टर के पास जाएं

ठाणे (मुंबई) केआईएमएस हॉस्पिटल के कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. मनीष दोडमानी का कहना है, यदि आपको लगता है कि आपके बच्चे ने कुछ निगल लिया है तो पहले शांत रहें और तुरंत घबराएं नहीं. सबसे जरूरी बात यह है कि कोई भी घरेलू नुस्खा न अपनाएं.

बच्चे को जबरदस्ती ज्यादा पानी पिलाना, खाना खिलाना या उल्टी कराने की कोशिश बिल्कुल न करें. यह स्थिति को और खराब कर सकता है. सबसे बेहतर तरीका यही है कि आप तुरंत मेडिकल एक्सपर्ट के पास पहुंचें ताकि वे एक्स-रे या जरूरी जांच के जरिए यह पता लगा सकें कि चीज कहां फंसी है.

मैग्नेट और बैटरी क्यों हैं ज्यादा खतरनाक?

सिक्का तो अक्सर मल के साथ बाहर निकल जाता है लेकिन मैग्नेट और बटन बैटरी बेहद जोखिम भरी होती हैं. डॉ. मनीष का कहना है कि अगर बच्चा एक से ज्यादा मैग्नेट निगल ले तो वे आंतों के अलग-अलग हिस्सों में चिपक सकते हैं. इससे आंतों में घाव, छेद या संक्रमण हो सकता है जो जानलेवा साबित हो सकता है.

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कई बार बच्चा कुछ निगलने के बाद भी सामान्य व्यवहार करता है और खेलता रहता है इसलिए लक्षण न दिखने का मतलब यह नहीं कि सब ठीक है. पेट दर्द, उल्टी, लार टपकना या खाना निगलने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखते ही डॉक्टर को दिखाएं.

सावधानी ही है बचाव का रास्ता

बच्चे जिज्ञासु होते हैं इसलिए उन्हें रोकना नामुमकिन है लेकिन अपनी आदतों को बदलकर खतरा कम किया जा सकता है. घर में सिक्के, छोटे मैग्नेट, खिलौनों के बारीक पार्ट्स या रिमोट की बैटरी को बच्चों की पहुंच से दूर रखें. खिलौनों को समय-समय पर चेक करें कि उनका कोई हिस्सा ढीला तो नहीं है.

छोटे बच्चों की निगरानी सबसे जरूरी है. अगर कभी ऐसा हादसा हो जाए तो इंतजार करने के बजाय तुरंत अस्पताल जाना ही सुरक्षित है क्योंकि सही समय पर इलाज किसी बड़ी इमरजेंसी को टाल सकता है.

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